भारत सरकार ने इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े आपत्तिजनक (Child Sexual Exploitative and Abuse Material - CSEAM) विज्ञापनों को लेकर Meta के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. जानकारी के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Meta को नोटिस जारी कर ऐसे सभी विज्ञापन और कंटेंट तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं, जो बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री तक पहुंच बनाने या उसे बढ़ावा देने का काम करते हैं.
सरकार ने Meta से इस पूरे मामले पर विस्तृत जवाब भी मांगा है. कंपनी को सात दिन के भीतर बताना होगा कि इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन कैसे दिखाई दिए, उन्हें रोकने के लिए कौन-कौन से सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए क्या कदम उठाए जाएंगे.
Govt issues stern notice to Meta on Child Sexual Exploitative & Abuse Material (CSEAM) in paid ads on Instagram. MeitY (Ministry of Electronics and Information Technology) orders Instagram to disable all ads & content promoting and facilitating access to CSEAM. Govt demands a… pic.twitter.com/JaFZ94ia52
— ANI (@ANI) July 5, 2026
अश्लील कंटेंट को लेकर सरकार नाराज
हाल के दिनों में इंस्टाग्राम पर अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर सरकार ने चिंता जताई है. इसी वजह से केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने MeitY अधिकारियों को Meta को तलब करने के निर्देश दिए थे. सरकार का कहना है कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और सोशल मीडिया कंपनियों की इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
बच्चों की सुरक्षा पर सरकार का फोकस
सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस तरह के विज्ञापनों का दिखना बेहद गंभीर मामला है, खासकर जब वे पेड विज्ञापनों के जरिए ज्यादा लोगों तक पहुंचते हैं. सरकार ने साफ कहा है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पिछले कुछ महीनों में केंद्र सरकार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. इससे पहले भी अश्लील कंटेंट के आरोपों में कई OTT प्लेटफॉर्म पर सख्त कदम उठाए जा चुके हैं.
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