अयोध्या में राम मंदिर और पंचकोशी परिक्रमा मार्ग के आसपास अब मीट और मछली की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है. प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह रोक केवल होटल और रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर भी समान रूप से लागू होगी. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है, जिसमें लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई शामिल है.
ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों को भी आदेश
खाद्य विभाग ने गुरुवार को इस प्रतिबंध को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए ऑनलाइन खाना पहुंचाने वाली कंपनियों को भी औपचारिक रूप से निर्देश जारी कर दिए हैं. होटल, गेस्ट हाउस, होम-स्टे और फूड डिलीवरी सेवाओं को साफ शब्दों में बताया गया है कि राम मंदिर परिसर और उससे जुड़े क्षेत्रों में किसी भी तरह का नॉनवेज भोजन न तो बेचा जाएगा और न ही डिलीवर किया जाएगा.
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित होटल संचालक, होम-स्टे मालिक या डिलीवरी से जुड़े व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
नॉनवेज डिलीवरी की शिकायतों के बाद फैसला
सहायक खाद्य आयुक्त मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि राम मंदिर और उसके आसपास पहले से ही मांसाहार की बिक्री पर रोक है, लेकिन हाल के दिनों में शिकायतें मिली थीं कि कुछ होटल, गेस्ट हाउस और होम-स्टे नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि यह भी सामने आया था कि पर्यटकों को ऑनलाइन ऐप्स के जरिए नॉनवेज खाना मंगवाकर परोसा जा रहा है, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है. इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने अब ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक लगाने का फैसला किया है.
8 जनवरी से लागू है सख्त आदेश
खाद्य विभाग के अनुसार, 8 जनवरी को ही होटल, गेस्ट हाउस, होम-स्टे और ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों को इस फैसले की जानकारी दे दी गई थी. अब इस आदेश को सख्ती से लागू कराने की तैयारी है.
मानिक चंद्र सिंह ने कहा कि पूरे क्षेत्र में नियमित निगरानी की जाएगी और जहां भी उल्लंघन पाया जाएगा, वहां तुरंत कार्रवाई होगी. जरूरत पड़ने पर लाइसेंस निलंबन या रद्द करने जैसे कदम भी उठाए जाएंगे.
नया नियम नहीं, ब्रिटिश काल से लागू है परंपरा
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अयोध्या में मांसाहार पर रोक कोई नई व्यवस्था नहीं है. यह प्रतिबंध ब्रिटिश शासन काल से चला आ रहा है.
इसका उल्लेख राम मंदिर के पूर्व सचिव और पूर्व आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल की पुस्तक ‘अयोध्या रीविजिटेड’ में मिलता है. पुस्तक के अनुसार, अंग्रेजी शासन के समय ही अयोध्या में नॉनवेज की बिक्री और सेवन पर रोक लगाई गई थी.
उसी आदेश के तहत तत्कालीन सिटी बोर्ड फैजाबाद ने इस प्रतिबंध को लागू किया था, जो समय के साथ आज भी प्रभावी है. खास बात यह है कि इस व्यवस्था को आज तक किसी भी स्तर पर कानूनी चुनौती नहीं दी गई.
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