Amit Shah On OP Sindoor: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 41वें राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (NSG) स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर एक बड़ा और अहम बयान दिया. उन्होंने कहा कि भारत ने अब आतंकवाद के ख़िलाफ़ पूरी तरह निर्णायक रुख़ अपना लिया है. शाह ने कहा कि हाल ही में अंजाम दिए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकवादी संगठनों के मुख्यालय, प्रशिक्षण केंद्र और लॉन्च पैड्स को पूरी तरह तबाह कर दिया है.
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सुरक्षा बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सर्जिकल एक्शन कर आतंकवादियों के ढांचों को नष्ट किया, जिससे आतंकवादी संगठनों को भारी नुकसान हुआ. उन्होंने कहा कि अब कोई भी जगह आतंकियों के लिए सुरक्षित नहीं बची है. चाहे वे कहीं भी छिपे हों, भारतीय बल उन्हें खोज निकालेंगे और सज़ा देंगे.
‘राष्ट्रीय सुरक्षा गारद’ के वीर जवान शौर्य, त्याग और राष्ट्ररक्षा के प्रतीक हैं। आतंकरोधी अभियानों से लेकर शत-प्रतिशत एक्यूरेसी से बचाव अभियानों तक देश की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध NSG पर सभी को गर्व है। मानेसर (हरियाणा) में NSG के 41वें स्थापना दिवस समारोह में जवानों से संवाद किया। pic.twitter.com/0zZExnyQK8
— Amit Shah (@AmitShah) October 14, 2025
‘ऑपरेशन सिंदूर’ से दहशत में आतंकी संगठन
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बात करते हुए उन्होंने बताया कि यह मिशन उन आतंकियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई थी, जिन्होंने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भीषण हमला किया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी. इसके जवाब में भारतीय सुरक्षा बलों ने मई महीने में PoK और पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाकर नष्ट किया.
‘ऑपरेशन महादेव’ से जनता में विश्वास बढ़ा
अपने संबोधन में शाह ने एक और ऑपरेशन, ‘ऑपरेशन महादेव’ का ज़िक्र किया, जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकियों की सफाई के लिए किया गया था. इस मिशन की सफलता से न केवल आतंकवादियों को कड़ा संदेश गया, बल्कि देश के नागरिकों का सुरक्षा बलों पर विश्वास और गहरा हुआ. उन्होंने कहा कि यह अभियान सटीक खुफिया जानकारी और निर्णायक कार्रवाई का प्रतीक बना.
आतंकवाद पर सरकार का स्पष्ट रुख़
गृह मंत्री ने यह भी दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ शुरू से ही ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है. उन्होंने कहा, “अगर हम 2014 के बाद से उठाए गए कदमों का आकलन करें, चाहे वह अनुच्छेद 370 को हटाना हो, सर्जिकल स्ट्राइक हो, एयर स्ट्राइक हो या अब ऑपरेशन सिंदूर, हर कदम ने यह स्पष्ट किया है कि हम आतंक की जड़ों पर वार कर रहे हैं.”
The martial prowess of the 'National Security Guard' demonstrated at its foundation day ceremony today swells the heart of a patriot. Whether it's executing rescue missions, or achieving the highest precision in security, the very presence of the NSG ensures the end of a crisis. pic.twitter.com/soYKFbBlAn
— Amit Shah (@AmitShah) October 14, 2025
2019 के बाद लिए गए कड़े कानूनी और रणनीतिक कदम
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने केवल सैन्य स्तर पर ही नहीं, बल्कि कानूनी और प्रशासनिक मोर्चे पर भी सख्त कदम उठाए हैं. UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) और NIA एक्ट (राष्ट्रीय जांच एजेंसी कानून) में संशोधन किए गए ताकि आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई को और तेज़ और प्रभावी बनाया जा सके. ED (प्रवर्तन निदेशालय) को भी आतंकवादियों की फंडिंग की जांच में सक्रिय किया गया है और PMLA के तहत कई मामले दर्ज हुए हैं.
आतंकवाद को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए वैज्ञानिक प्रणाली विकसित की गई है और PFI जैसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया है. बहु-एजेंसी केंद्र (Multi-Agency Centre) को मज़बूत किया गया है जिससे खुफिया सूचनाएं तेज़ी से साझा की जा सकें. नए आपराधिक कानूनों में पहली बार आतंकवाद की स्पष्ट परिभाषा दी गई है जिससे अदालती कार्रवाई भी प्रभावशाली हो सके. अब तक 57 से अधिक व्यक्तियों और कई संगठनों को ‘ग़ैरकानूनी’ घोषित किया गया है.
NSG को और मजबूत करने की तैयारी
NSG की तारीफ करते हुए शाह ने कहा कि ‘ब्लैक कैट कमांडो’ के नाम से मशहूर यह बल देश की आंतरिक सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है. उन्होंने कहा कि इन कमांडोज़ की बहादुरी और कुशलता देखकर हर देशवासी का भरोसा पुख्ता होता है कि भारत की सुरक्षा मज़बूत हाथों में है.
शाह ने ऐलान किया कि NSG का छठा केंद्र अयोध्या (उत्तर प्रदेश) में बनाया जाएगा. इससे पहले NSG के केंद्र मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता और गांधीनगर में हैं.
इसके साथ ही, मानेसर में विशेष ऑपरेशन प्रशिक्षण केंद्र (Special Operation Training Centre) की आधारशिला भी रखी गई. यह केंद्र 141 करोड़ रुपये की लागत से 8 एकड़ क्षेत्र में बनाया जाएगा और देशभर के आतंकवाद विरोधी दस्तों को प्रशिक्षण देने का कार्य करेगा.
NSG की गौरवशाली विरासत
अमित शाह ने एनएसजी के इतिहास को याद करते हुए कहा कि 1984 में इसकी स्थापना के बाद से इस बल ने अनेक आतंकवाद-रोधी अभियानों, बंधक संकटों और वीवीआईपी सुरक्षा अभियानों में अपनी दक्षता और साहस का परिचय दिया है. उन्होंने कहा कि NSG के कमांडो केवल सैनिक नहीं, बल्कि देश के असली ‘साइलेंट गार्जियन’ हैं.
उन्होंने कार्यक्रम के अंत में NSG के सभी जवानों को उनकी बहादुरी, समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए शुभकामनाएं दीं और देशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया.
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