NEET PG 2026 में बड़ा बदलाव! सेंटर होगा नजदीक, सिंगल शिफ्ट में एग्जाम, कम किए गए सवाल

NEET PG 2026: केंद्र सरकार ने NEET-PG 2026 परीक्षा को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और छात्र-अनुकूल बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं.

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NEET PG 2026: देशभर के लाखों मेडिकल स्नातकों के लिए NEET-PG 2026 को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. केंद्र सरकार ने इस वर्ष परीक्षा प्रक्रिया में कई अहम बदलावों का ऐलान किया है, जिनका मकसद केवल परीक्षा आयोजित करना नहीं, बल्कि उसे पहले से अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और उम्मीदवारों के अनुकूल बनाना है. पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा केंद्रों की दूरी, अलग-अलग शिफ्टों में परीक्षा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर उठे सवालों के बाद इस बार व्यवस्था में व्यापक सुधार किए गए हैं. सबसे बड़ा फैसला यह है कि NEET-PG 2026 अब 30 अगस्त को केवल एक ही शिफ्ट में आयोजित होगी. इसके साथ ही परीक्षा केंद्र आवंटन, शहर की पूर्व सूचना और सुरक्षा व्यवस्था में भी बड़े बदलाव लागू किए गए हैं, जिससे उम्मीदवारों को मानसिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद है.

एक ही शिफ्ट में होगी NEET-PG 2026 परीक्षा

इस बार NEET-PG 2026 की परीक्षा 30 अगस्त को केवल एक शिफ्ट में आयोजित की जाएगी. सरकार का मानना है कि एक ही शिफ्ट में परीक्षा कराने से सभी उम्मीदवारों को समान स्तर का प्रश्नपत्र मिलेगा और कठिनाई स्तर को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं होगा. पिछले कुछ वर्षों में आपात परिस्थितियों और अन्य कारणों से परीक्षा कई शिफ्टों में आयोजित करनी पड़ी थी, जिससे विभिन्न शिफ्टों के प्रश्नपत्रों की कठिनाई को लेकर लगातार बहस होती रही. इस बदलाव के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया भी अधिक निष्पक्ष और समान मानी जा रही है.

घर के नजदीक परीक्षा केंद्र मिलने की संभावना बढ़ेगी

इस वर्ष उम्मीदवारों को आवेदन के दौरान तीन राज्यों की प्राथमिकता देनी होगी. इनमें पत्राचार वाला राज्य पहली प्राथमिकता के रूप में अनिवार्य रहेगा. इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिकतर उम्मीदवारों को उनके घर या निवास स्थान के नजदीक परीक्षा केंद्र मिल सके. पहले परीक्षा केंद्र 'फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व' के आधार पर आवंटित किए जाते थे, जिसके कारण कई छात्रों को सैकड़ों किलोमीटर दूर जाकर परीक्षा देनी पड़ती थी. नए नियम से यात्रा की परेशानी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है.

परीक्षा शहर की जानकारी पहले मिलेगी

उम्मीदवारों को इस बार परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले ही उनके लिए आवंटित परीक्षा शहर की जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी. इससे छात्रों को यात्रा की योजना बनाने, टिकट बुक कराने और ठहरने की व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा. पहले कई बार परीक्षा शहर की सूचना अपेक्षाकृत देर से मिलने के कारण उम्मीदवारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था.

200 की जगह अब होंगे 180 प्रश्न

NEET-PG 2026 के प्रश्नपत्र में अब कुल 180 प्रश्न होंगे, जबकि पहले यह संख्या 200 थी. हालांकि परीक्षा की कुल अवधि 210 मिनट ही रखी गई है. इसका सीधा फायदा उम्मीदवारों को मिलेगा क्योंकि अब प्रत्येक प्रश्न को हल करने के लिए पहले की तुलना में अधिक समय उपलब्ध होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जल्दबाजी कम होगी और छात्र बेहतर रणनीति के साथ परीक्षा दे सकेंगे.

सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत बनाया गया

परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सुरक्षा प्रणाली में भी बड़े बदलाव किए गए हैं. उम्मीदवारों का पंजीकरण और परीक्षा के दिन आधार आधारित प्रमाणीकरण किया जाएगा. यदि किसी उम्मीदवार का फिंगरप्रिंट सत्यापन सफल नहीं होता है तो आइरिस बायोमेट्रिक के माध्यम से पहचान सुनिश्चित की जाएगी.

इसके अलावा प्रश्नपत्र तैयार करने और परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को मल्टी-लेयर एन्क्रिप्शन तकनीक से सुरक्षित बनाया गया है ताकि किसी भी प्रकार की लीक या छेड़छाड़ की संभावना समाप्त हो सके. नकल, प्रतिरूपण या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की शिकायत दर्ज कराने के लिए अलग से समर्पित ईमेल व्यवस्था भी शुरू की गई है.

परीक्षा केंद्रों पर होगी कड़ी निगरानी

देशभर के परीक्षा केंद्रों पर इस बार निगरानी व्यवस्था को और सख्त बनाया गया है. सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक सत्यापन, सिग्नल जैमर, केंद्रीय मॉनिटरिंग सिस्टम और स्वतंत्र ऑब्जर्वर्स की तैनाती की जाएगी. इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाए रखना और किसी भी तरह की अनियमितता को रोकना है.

रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने कराया पंजीकरण

इस वर्ष NEET-PG 2026 के लिए कुल 2,73,183 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.5 प्रतिशत अधिक है. परीक्षा देश के लगभग 340 शहरों में स्थित 1,300 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी. इस विशाल परीक्षा आयोजन को सफल बनाने के लिए 60,000 से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, जो परीक्षा संचालन, सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे.

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