महाराष्ट्र के नासिक में सोमवार को एक बार फिर धरती हिलने से लोगों के बीच चिंता बढ़ गई. जिले के अलग-अलग हिस्सों में भूकंप के दो हल्के झटके महसूस किए गए. हालांकि शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इन झटकों से किसी तरह की जनहानि या संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा है. खास बात यह है कि नासिक और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से लगातार छोटे भूकंप दर्ज किए जा रहे हैं, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन और विशेषज्ञ भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
सुबह और दोपहर में महसूस हुए भूकंप के झटके
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, नासिक में पहला भूकंप सुबह 5 बजकर 6 मिनट पर दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता 2.5 रही. इसके बाद दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर 3.0 तीव्रता का दूसरा झटका आया. दोनों भूकंप करीब 5 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किए गए. नासिक मुंबई से लगभग 180 किलोमीटर दूर स्थित है. जिला प्रशासन के अनुसार, पेठ, सुरगाणा और डिंडोरी तालुका के कुछ हिस्सों में इन झटकों को महसूस किया गया.
जुलाई से लगातार दर्ज हो रही भूकंपीय गतिविधियां
नासिक में भूकंप की गतिविधि कोई पहली घटना नहीं है. प्रशासन के अनुसार, 25 से 28 जुलाई के बीच और फिर 6, 8, 10 तथा 14 अगस्त को भी अलग-अलग तीव्रता के झटके दर्ज किए गए थे. इससे पहले सुरगाणा तालुका के भादर और डिंडोरी तालुका के नानाशी में भूकंप के कारण कुछ घरों की दीवारों में दरारें आने की जानकारी सामने आई थी. हालांकि सोमवार को आए दोनों झटकों से किसी नए नुकसान की सूचना नहीं है.
एक महीने में 25 से ज्यादा झटके
महाराष्ट्र में पिछले करीब एक महीने के दौरान 25 से अधिक भूकंपीय झटके दर्ज किए जा चुके हैं. इनकी तीव्रता लगभग 2 से 4.3 के बीच रही है और ज्यादातर भूकंप जमीन के नीचे 5 से 8 किलोमीटर की गहराई में आए हैं. इस दौरान सबसे तेज झटका 8 अगस्त को नासिक में दर्ज किया गया था, जिसकी तीव्रता 4.3 थी और इसकी गहराई करीब 5 किलोमीटर बताई गई थी. लगातार हो रही इस गतिविधि के कारण नासिक और पालघर के आसपास के इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है.
CM फडणवीस ने दिए स्थिति का आकलन करने के निर्देश
लगातार भूकंप आने के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिछले सप्ताह प्रशासन को नासिक और पालघर जिलों में भूकंपीय गतिविधियों का व्यापक अध्ययन करने के निर्देश दिए थे. साथ ही लोगों और विशेष रूप से छात्रों के बीच भूकंप से बचाव और सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान तेज करने को कहा गया था. प्रशासन की ओर से स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में तत्काल कदम उठाए जा सकें.
क्या होता है Earthquake Swarm?
विशेषज्ञों की भाषा में जब किसी सीमित इलाके में कम समय के दौरान लगातार छोटे-छोटे भूकंप आते हैं, तो इस स्थिति को 'Earthquake Swarm' यानी भूकंपों का झुंड कहा जाता है. यह सामान्य आफ्टरशॉक से अलग होता है. बड़े भूकंप के बाद आने वाले छोटे झटकों को आफ्टरशॉक कहा जाता है, जबकि Earthquake Swarm में जरूरी नहीं कि इससे पहले कोई बड़ा भूकंप आया हो. इसमें कम तीव्रता वाले कई झटके अलग-अलग अंतराल पर लगातार महसूस हो सकते हैं. नासिक में सामने आ रही लगातार भूकंपीय गतिविधियों को इसी नजरिए से देखा जा रहा है, हालांकि आगे की स्थिति का आकलन विशेषज्ञों की निगरानी और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर ही किया जा सकता है.
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