नोएडा के जेवर एयरपोर्ट से जुड़ेगा 'नमो भारत', 3 शहरों तक बनेगा सीधा कॉरिडोर, जानें नया रूट

दिल्ली-एनसीआर के परिवहन नेटवर्क को नई रफ्तार देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है.

Namo Bharat train will connect with Noida Jewar Airport
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

दिल्ली-एनसीआर के परिवहन नेटवर्क को नई रफ्तार देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) को गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम से सीधे जोड़ने के लिए हाई-स्पीड ‘नमो भारत’ रेल कॉरिडोर की योजना पर तेजी से काम हो रहा है. एयरपोर्ट के संचालन शुरू होते ही इस रैपिड रेल परियोजना के धरातल पर उतरने की संभावना जताई जा रही है.

इस प्रस्तावित परियोजना के तहत कालिंदी कुंज से लेकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक एक नया हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. यह कॉरिडोर एनसीआर के कई प्रमुख शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा, जिससे यात्रियों को तेज, सुगम और सुविधाजनक परिवहन का विकल्प मिलेगा.

जेवर एयरपोर्ट तक बनेगा नया रेल कॉरिडोर

योजना के अनुसार नमो भारत रेल गाजियाबाद के मेरठ मोड़ से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी होते हुए सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचेगी. यह रूट न केवल नोएडा और ग्रेटर नोएडा को मजबूत कनेक्टिविटी देगा, बल्कि फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों को भी सीधे एयरपोर्ट से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा.

इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यमुना प्राधिकरण) ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी है. मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद इस परियोजना पर काम तेज़ी से शुरू किए जाने की तैयारी है.

लाखों यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ

इस नई रेल कनेक्टिविटी के शुरू होने से एनसीआर के लाखों लोगों का सफर आसान हो जाएगा. गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा. अभी जहां यात्रियों को सड़क मार्ग पर लंबा सफर तय करना पड़ता है, वहीं नमो भारत रेल के माध्यम से तेज और भरोसेमंद यात्रा संभव होगी.

नमो भारत और मेट्रो के कुल 22 स्टेशन प्रस्तावित

प्रस्तावित रूट पर कुल 22 स्टेशन चिन्हित किए गए हैं. इनमें से 11 स्टेशन नमो भारत रेल के लिए और 11 स्टेशन मेट्रो रेल के लिए प्रस्तावित हैं. नमो भारत रेल का रूट मेरठ मोड़ से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट, चार मूर्ति, चौक नॉलेज पार्क-5, सूरजपुर पुलिस लाइन, अल्फा-1, यमुना सिटी सेक्टर-18 और सेक्टर-21 (प्रस्तावित फिल्म सिटी) से होते हुए सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा.

इस एकीकृत व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि यात्रियों को बार-बार ट्रेन या मेट्रो बदलने की आवश्यकता न पड़े और वे बिना रुकावट अपने गंतव्य तक पहुंच सकें.

फिल्म सिटी से एयरपोर्ट तक अलग मेट्रो कॉरिडोर

इस योजना में प्रस्तावित फिल्म सिटी से लेकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक लगभग 14.6 किलोमीटर लंबा एक अलग मेट्रो कॉरिडोर भी शामिल है. इस मेट्रो लाइन को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि कम लागत में, कम समय में और अधिक प्रभावी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जा सके.

अधिकारियों के अनुसार, नमो भारत रेल और मेट्रो के इस संयुक्त नेटवर्क से पूरे क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन को नई मजबूती मिलेगी.

20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने के लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च आने का अनुमान है. परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और इसे लगभग पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

परियोजना के पूरा होने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचना दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए कहीं अधिक सरल और तेज हो जाएगा. इससे सड़कों पर ट्रैफिक जाम का दबाव भी कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है.

विकास और रोजगार को मिलेगी नई गति

नमो भारत रेल और मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में विकास की रफ्तार तेज होगी. बेहतर कनेक्टिविटी के कारण औद्योगिक, व्यावसायिक और रियल एस्टेट गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

कुल मिलाकर, यह परियोजना न केवल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एनसीआर से मजबूती से जोड़ेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी.

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