मोदी जी हैं तो हर चीज मुमकिन... ईरान से फ्लाइट में लौटे भारतीय नागरिक, बताई वहां की हालत, देखें VIDEO

ईरान में बीते कई दिनों से हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. शुरुआत भले ही महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती ईंधन कीमतों के खिलाफ विरोध से हुई हो, लेकिन धीरे-धीरे यह आंदोलन हिंसा में तब्दील हो गया.

Indian citizens returned from Iran in the first flight
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ईरान में बीते कई दिनों से हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. शुरुआत भले ही महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती ईंधन कीमतों के खिलाफ विरोध से हुई हो, लेकिन धीरे-धीरे यह आंदोलन हिंसा में तब्दील हो गया. राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव की खबरें सामने आईं. हालात बिगड़ने के बाद इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं, मोबाइल नेटवर्क ठप हो गया और आम लोगों की आवाजाही सीमित हो गई. ऐसे माहौल में वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की चिंता बढ़ गई थी.

अब ईरान से भारत लौटे लोगों की जुबानी वहां की जमीनी हकीकत सामने आ रही है.

देर रात दिल्ली पहुंची पहली फ्लाइट

तेहरान से महान एयर की एक फ्लाइट देर रात दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी. इस विमान में धार्मिक जियारत पर गए भारतीय, पढ़ाई के लिए ईरान पहुंचे छात्र और कामकाजी लोग शामिल थे. लंबे तनाव और अनिश्चितता के बाद जैसे ही विमान भारत की धरती पर उतरा, यात्रियों के चेहरों पर राहत साफ नजर आई. कई लोगों ने कहा कि उन्हें लग रहा था जैसे वे किसी डरावने हालात से निकलकर सुरक्षित जगह पहुंच गए हों.

“मोदी जी हैं तो हर चीज मुमकिन है”

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में ईरान से लौटे एक भारतीय नागरिक ने वहां की स्थिति को बेहद गंभीर बताया. उन्होंने कहा कि हालात दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रहे थे, लेकिन भारत सरकार और भारतीय दूतावास ने लगातार संपर्क में रहकर पूरा सहयोग दिया. दूतावास की ओर से समय पर दी गई जानकारी और सुरक्षित वापसी की व्यवस्था के लिए उन्होंने आभार जताया. भावुक होकर उन्होंने कहा, “मोदी जी हैं तो हर चीज मुमकिन है.”

इंटरनेट बंद, परिवार से संपर्क टूटा

भारत लौटे यात्रियों ने बताया कि ईरान में सबसे बड़ी परेशानी इंटरनेट बंद होने से हुई. न व्हाट्सएप चल रहा था, न वीडियो कॉल हो पा रही थी और न ही सोशल मीडिया. कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क भी काम नहीं कर रहा था.

परिवार वालों को यह तक नहीं पता था कि उनके अपने सुरक्षित हैं या नहीं. इसी वजह से डर और बेचैनी लगातार बढ़ती चली गई. अफवाहें फैलती रहीं और लोग मानसिक तनाव में आ गए.

तेहरान की सड़कों पर खौफ का माहौल

लौटकर आए भारतीयों के अनुसार तेहरान की सड़कों पर तनाव साफ महसूस किया जा सकता था. कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हो रही थीं. गोली चलने की आवाजें सुनाई देती थीं और कुछ इलाकों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं. बाजार बंद थे, दुकानें नहीं खुल रहीं थीं और आम लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे थे.

कुछ यात्रियों ने बताया कि वे कई दिनों तक होटल के कमरों में ही बंद रहे और बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए.

कौन-कौन लोग लौटे भारत?

इस पहली फ्लाइट में लौटने वालों में अधिकतर लोग धार्मिक जियारत पर गए थे. इसके अलावा कई छात्र भी शामिल थे, जिनकी पढ़ाई बीच में ही रुक गई. कुछ लोग रोज़गार के सिलसिले में ईरान गए थे और हालात बिगड़ने के बाद वहीं फंस गए.

सभी की कहानियां लगभग एक जैसी थीं- डर, असुरक्षा और अपने देश लौटने की तीव्र इच्छा. जैसे ही फ्लाइट ने उड़ान भरी, लोगों ने राहत की सांस ली.

भारतीय दूतावास ने निभाई अहम भूमिका

हालात बिगड़ते देख 14 जनवरी को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी की थी. इसमें भारतीय नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी गई और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए. दूतावास ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने को कहा.

इसके बाद महान एयर की पहली फ्लाइट की व्यवस्था की गई. विदेश मंत्रालय और भारत सरकार ने इस पूरे ऑपरेशन को प्राथमिकता पर लेते हुए सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की.

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