मध्य प्रदेश में सरकारी निर्माण परियोजनाओं को गति देने के साथ-साथ भवन विकास निगम की आय बढ़ाने की दिशा में भी नई पहल की तैयारी है. भोपाल स्थित मंत्रालय में मध्य प्रदेश बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की पांचवीं बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई. बैठक में निगम के कामकाज, बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स और भविष्य में राजस्व बढ़ाने के विकल्पों पर चर्चा की गई. मुख्यमंत्री ने आय के नए स्रोत तलाशने के लिए अलग ‘रेवेन्यू-जनरेटिंग बॉडी’ बनाने के निर्देश दिए, जिसे बोर्ड ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी.
नए राजस्व स्रोत तलाशेगा भवन विकास निगम
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि निगम की आर्थिक क्षमता बढ़ाने के लिए नए और वैकल्पिक आय स्रोत विकसित किए जाएं. इसके लिए प्रस्तावित रेवेन्यू-जनरेटिंग बॉडी का गठन जल्द करने और तुरंत काम शुरू करने पर जोर दिया गया. साथ ही मुख्यमंत्री ने मौजूदा बड़े निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा से पहले पूरा करने की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए. खास तौर पर जन-मन ऑडिटोरियम समेत महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर ध्यान देने को कहा गया.
इन दो प्रस्तावों को मिली मंजूरी
बैठक में निगम के दो अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई. अब 25 करोड़ रुपये तक की प्राक्कलित अनुबंध राशि वाली निविदाओं की स्वीकृति या निरस्तीकरण के लिए निगम के प्रबंध संचालक और संबंधित अधिकार समिति को अधिकृत किया गया है. इसके अलावा निगम की संगठनात्मक संरचना में महाप्रबंधक (तकनीकी) संवर्ग के तहत महाप्रबंधक (निविदा) और महाप्रबंधक (रीडेंसिफिकेशन) के दो नए पद सृजित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई.
763 प्रोजेक्ट्स पर 10,994 करोड़ रुपये का काम
बैठक में निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर ने निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी दी. बताया गया कि लोक निर्माण विभाग की ओर से निगम को कुल 763 प्रोजेक्ट्स सौंपे गए हैं, जिनकी कुल निर्माण लागत करीब 10,994 करोड़ रुपये है. निगम IIM इंदौर के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है और स्टैंडर्ड टेंडर डॉक्यूमेंट तैयार किए जा रहे हैं. इन प्रयासों का उद्देश्य निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कामकाज में एकरूपता बढ़ाना है.
कॉन्ट्रैक्टर्स का भुगतान 33 से घटकर 11 दिन
बैठक में बताया गया कि किसी प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद ठेकेदारों को भुगतान करने का औसत समय 33 दिन से घटकर अब 11 दिन रह गया है. इसके साथ ही राज्य में पांच नए मेडिकल कॉलेजों से जुड़े भवन और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है. ये परियोजनाएं उज्जैन की मेडिसिटी, सिंगरौली, मंडला, रीवा और बुधनी में विकसित की जा रही हैं. उज्जैन में जॉइंट एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग का निर्माण भी जारी है.
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले तैयार होगा ऑडिटोरियम
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास परिसर में बन रहे ‘जन-मन ऑडिटोरियम’ को जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा करने के निर्देश दिए. करीब 26.57 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह ऑडिटोरियम जनता के साथ सीधे संवाद के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों और उनसे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को केंद्र सरकार के वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) नियमों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश भी दिए.
भोपाल और जबलपुर में भी बड़े निर्माण कार्य
भवन विकास निगम की ओर से भोपाल और जबलपुर में भी महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं. जानकारी के मुताबिक भोपाल में करीब 130 करोड़ रुपये की लागत से 150 कमरों वाला नया स्टेट गेस्ट हाउस तैयार किया जा रहा है. वहीं जबलपुर में लगभग 65 करोड़ रुपये की लागत से 75 कमरों वाले सर्किट हाउस का निर्माण हो रहा है. मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं सहित सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया.