Mohan Bhagwat on Hindu Rashtra: हिंदू राष्ट्र पर मोहन भागवत का बड़ा ऐलान! | Big Announcement

Mohan Bhagwat on Hindu Rashtra : RSS के 100 साल पूरे होने पर मोहन भागवत ने स्वबोध, स्वदेशी और भारतीय संस्कृति का महत्व बताया, बोले- अपनी पहचान भूलने से समाज कमजोर हुआ और देश को सदियों तक गुलामी झेलनी पड़ी.

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Mohan Bhagwat on Hindu Rashtra : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर विजयादशमी समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने राष्ट्रबोध, स्वदेशी और भारतीय संस्कृति के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी सांस्कृतिक पहचान, साझा इतिहास और भावनात्मक एकता में निहित है. देश की विविधताओं के बावजूद भारत सदियों से एक समाज और एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ता रहा है, क्योंकि हमारे पूर्वजों को संपूर्ण अस्तित्व की एकता का बोध था.

मोहन भागवत ने अपने संबोधन में बंगाल के श्रीमद राजनारायण बसु का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने समाज को संगठित करने और लोगों में स्वबोध जगाने की परिकल्पना प्रस्तुत की थी. उन्होंने अपने मित्रों के साथ स्वदेशी मेलों के आयोजन की शुरुआत भी की थी. भागवत के मुताबिक, राजनारायण बसु के विचारों को याद करना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 100 वर्षों से समाज में इसी स्वबोध को जागृत करने का काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य भारत की अस्मिता और इतिहास के आधार पर देश को संगठित और शक्तिशाली बनाना है. स्वबोध और स्वदेशी को बढ़ावा देना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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