Madhya Pradesh SIR Voter List 2025: मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 23 दिसंबर 2025 को राज्य की एकीकृत मतदाता सूची का मसौदा जारी किया. यह विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे दो दशकों बाद इतने बड़े पैमाने पर लागू किया गया है. इस संशोधन का उद्देश्य पुराने रिकॉर्डों को नवीनतम आंकड़ों से मेल खाकर मतदाता डेटाबेस को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है.
गहन संशोधन प्रक्रिया और उद्देश्य
2003 के आंकड़ों से मौजूदा मतदाता रिकॉर्ड का मिलान करने के बाद, आयोग का यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रहा है. यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अद्यतन करने और उसे समय के साथ मेल खाने योग्य बनाने के लिए की जा रही है. चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए राज्य के सभी 52 जिलों में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है.
दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय सीमा
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां 15 जनवरी 2026 तक दर्ज कराई जा सकती हैं. यह समय उन मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है जिनका नाम वर्तमान सूची में नोटिस की स्थिति में है. अगर यह सत्यापन प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं की गई, तो 14 फरवरी 2026 को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची से उन मतदाताओं का नाम हटा दिया जाएगा.
ऑनलाइन तरीके से नाम कैसे जांचें
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में है या नहीं, तो आप ऑनलाइन माध्यम से इसे बहुत आसानी से जांच सकते हैं. इसके लिए निम्नलिखित तरीके अपनाए जा सकते हैं:
मतदाता सेवा पोर्टल: निर्वाचन आयोग की वेबसाइट या मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर जाकर आप अपना नाम EPIC (मतदाता पहचान संख्या) द्वारा ढूंढ सकते हैं.
EPIC नंबर से खोजें: यदि आपके पास EPIC नंबर है तो आप इसका उपयोग कर अपने मतदान केंद्र और अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
मोबाइल ऐप के जरिए भी करें जांच
भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची की जांच के लिए एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है. इस ऐप के जरिए आप EPIC नंबर डालकर तुरंत अपनी स्थिति की जांच कर सकते हैं और मतदान केंद्र तथा सीरियल नंबर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
ऑफलाइन तरीके से भी जांच सकते हैं सूची
अगर आप ऑनलाइन जांच नहीं कर पा रहे हैं, तो ऑफलाइन तरीके से भी आप अपनी स्थिति जान सकते हैं:
स्थानीय मतदान केंद्र: हर मतदान केंद्र पर मतदाता सूची की भौतिक प्रति उपलब्ध रहती है, जहां आप अपना नाम जांच सकते हैं.
बूथ लेवल ऑफिसर (BLO): आप अपने नजदीकी बीएलओ से भी संपर्क कर सकते हैं, जो आपको इस संबंध में सहायता प्रदान करेंगे.
नाम गायब या त्रुटि होने पर क्या करें?
अगर ड्राफ्ट सूची में आपका नाम गायब है या उसमें कोई त्रुटि पाई जाती है, तो आप 15 जनवरी 2026 तक संबंधित फॉर्म भरकर इसे सुधार सकते हैं. निम्नलिखित फॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं:
फॉर्म 6: नया नाम जोड़ने के लिए या नए मतदाताओं के लिए (जो 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष पूरे करेंगे).
फॉर्म 7: किसी नाम को हटाने के लिए (जैसे परिवार के किसी सदस्य का निधन हो गया हो).
फॉर्म 8: नाम, पता, जन्मतिथि, फोटो या रिश्तेदार के नाम में सुधार के लिए.
ईआरओ का नोटिस और पहचान प्रमाण
भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड 2003 के आंकड़ों से मेल नहीं खा पाया है, उन्हें ईआरओ (मतदाता सूची अधिकारी) द्वारा नोटिस भेजा जाएगा. ऐसे मतदाताओं को पहचान प्रमाण (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि) के साथ इसका जवाब देना आवश्यक होगा. अगर ऐसा नहीं किया गया, तो उनका नाम अंतिम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा.