भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार अब अपने सरकारी कर्मचारियों से जुड़ी कुछ पुराने और विवादित नियमों में बदलाव की तैयारी कर रही है. इन नियमों ने लंबे समय से कर्मचारियों के लिए परेशानी और असुरक्षा का कारण बने हुए थे. राज्य सरकार का उद्देश्य इन नियमों को मौजूदा सामाजिक और व्यावसायिक परिस्थितियों के अनुरूप बनाना है. इसके तहत दो अहम बदलावों का प्रस्ताव है, जिनसे हजारों कर्मचारियों को सीधे लाभ मिलेगा. ये बदलाव दो बच्चों के नियम और परिवीक्षा अवधि के संबंध में हैं.
दो बच्चों की नीति में प्रस्तावित बदलाव
मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए दो बच्चों की नीति 26 जनवरी 2001 को लागू की गई थी. इस नियम के तहत यदि किसी कर्मचारी के तीन बच्चे होते थे, तो उसे सरकारी नौकरी पाने का अधिकार नहीं होता था. इसके अलावा, सेवा के दौरान तीसरे बच्चे के जन्म की स्थिति में कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी जाती थी. हालांकि, इस नियम के कारण कई कर्मचारियों को अपनी नौकरी खोनी पड़ी, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां परिवार नियोजन के बारे में जागरूकता कम थी. कर्मचारी संगठनों द्वारा इस नियम को अमानवीय और वर्तमान परिस्थितियों से मेल न खाने वाला बताया जाता रहा है.
मध्य प्रदेश सरकार अब इस नियम में बदलाव के लिए विचार कर रही है, और इसके लिए राज्य सरकार ने सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम बुलेटिन 2023 का हवाला दिया है. इस रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की कुल प्रजनन दर 2.4 है, जो राष्ट्रीय औसत 1.9 से ज्यादा है. यह आंकड़े सरकार को यह बदलाव करने की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं. इसके अलावा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे अन्य राज्यों ने भी इस नीति में संशोधन किया है, जो मध्य प्रदेश के लिए एक उदाहरण साबित हुआ है.
परिवीक्षा अवधि में बदलाव की उम्मीद
सरकार द्वारा प्रस्तावित दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव कर्मचारियों की परिवीक्षा अवधि से जुड़ा है. वर्तमान में, कर्मचारियों को परिवीक्षा अवधि पूरी करने के बाद भी नियमित होने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है. इस प्रक्रिया में देरी के कारण न केवल उनकी वेतनवृद्धि रुक जाती है, बल्कि उन्हें अन्य सेवा लाभों से भी वंचित रहना पड़ता है. सरकार अब इस प्रक्रिया के लिए एक निश्चित समय सीमा तय करने का विचार कर रही है, जिससे कर्मचारियों को जल्द से जल्द स्थायी पद पर पदोन्नति मिल सके.
प्रस्तावित नियमों के लाभ
अगर राज्य मंत्रिपरिषद से इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो यह न सिर्फ मौजूदा कर्मचारियों के लिए, बल्कि भविष्य में सरकारी नौकरियों में भर्ती होने वाले युवाओं के लिए भी एक बड़ी राहत का कारण बनेगा. इस बदलाव से कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा, मानसिक शांति, और वेतन में वृद्धि का सही समय पर लाभ मिलेगा.
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