पटना: बिहार की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ संकेत दे दिया है कि राज्य में शराबबंदी कानून जारी रहेगा. सत्ता में आने से पहले उन्होंने जिस नीति निरंतरता की बात कही थी, अब उसी पर चलते हुए उन्होंने सहयोगी दलों की ओर से आए सुझावों को ठुकरा दिया है. उनका कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ मुख्यमंत्री बनना नहीं, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा तय की गई सुशासन और विकास की राह को आगे बढ़ाना है.
शराबबंदी पर NDA में मतभेद
शराबबंदी के मुद्दे पर एनडीए के भीतर ही अलग-अलग राय सामने आई है. चिराग पासवान ने इस कानून को पूरी तरह गलत नहीं बताया, लेकिन इसके पुनर्मूल्यांकन की जरूरत जरूर जताई है.
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक माधव आनंद ने मुख्यमंत्री से मिलकर शराबबंदी हटाने की मांग की.
जदयू विधायक अनंत सिंह ने भी बयान दिया कि इस कानून को खत्म किया जाना चाहिए.
वहीं जीतन राम मांझी का रुख पहले से स्पष्ट रहा है- उनके अनुसार नीति सही है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में खामियां हैं.
शराबबंदी लागू रहेगी- सीएम सम्राट चौधरी
इन तमाम सुझावों के बावजूद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने रुख में कोई नरमी नहीं दिखाई. उन्होंने साफ कहा कि शराबबंदी कानून को खत्म करने या उसमें बदलाव करने पर विचार नहीं किया जाएगा. राज्य में यह कानून पहले की तरह लागू रहेगा और पुनर्विचार का सवाल ही नहीं उठता.
सम्राट चौधरी के फैसले के पीछे वजह
मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख के पीछे कई अहम कारण बताए जा रहे हैं.
1. नीतीश कुमार की नीति पर भरोसा
बिहार में शराबबंदी कानून नीतीश कुमार की प्रमुख नीतियों में से एक रहा है. इसका मकसद महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाना, घरेलू हिंसा को कम करना और परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारना था. नई सरकार इसी दिशा में आगे बढ़ने की बात कर रही है.
2. सामाजिक प्रभाव और सुशासन का एजेंडा
सरकार का मानना है कि शराबबंदी से समाज में सकारात्मक बदलाव आए हैं. अपराध पर नियंत्रण और परिवारों में स्थिरता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस कानून को जारी रखना जरूरी समझा जा रहा है.
3. राजनीतिक समीकरण भी अहम
विश्लेषकों के मुताबिक, यह फैसला राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण है. राज्य में महिला मतदाताओं का बड़ा वर्ग शराबबंदी का समर्थन करता है. ऐसे में इस कानून को हटाना सरकार के लिए जोखिम भरा कदम हो सकता था. साथ ही गठबंधन के भीतर संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ा कारण है.
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