Pakistan Balochistan Fight: पाकिस्तान में बलूच समुदाय पर हो रहे अत्याचारों को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है. बलूच नेता मीर यार बलोच ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को एक विस्तृत पत्र लिखकर पाकिस्तान और चीन की कथित गतिविधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. यह पत्र 1 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद इसे लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में हलचल मच गई है.
मीर यार बलोच ने यह पत्र ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ की ओर से लिखा बताया है. इसमें उन्होंने भारत के प्रति खुला समर्थन जताते हुए भारत सरकार से रिश्ते मजबूत करने की अपील की है. बलोच नेता का कहना है कि बलूच जनता लंबे समय से पाकिस्तान के कथित दमन और शोषण का सामना कर रही है और अब वह अंतरराष्ट्रीय सहयोग चाहती है, खासकर भारत जैसे लोकतांत्रिक देश से.
Open letter to Honorable Foreign Minister of #Bharat Shri @DrSJaishankar ji
— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) January 1, 2026
From,
Baloch Representative,
Republic of Balochistan
State.
The Honorable Dr. S. Jaishankar,
Minister of External Affairs,
Government of Bharat,
South Block, Raisina Hill,
New Delhi – 110011
January… https://t.co/WdjaACsG2V pic.twitter.com/IOEusbUsOB
चीन-पाकिस्तान की कथित साजिश का आरोप
पत्र में सबसे गंभीर आरोप चीन और पाकिस्तान की साझेदारी को लेकर लगाए गए हैं. मीर यार बलोच का दावा है कि चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के जरिए दोनों देश न केवल बलूचिस्तान के संसाधनों का दोहन कर रहे हैं, बल्कि भारत के खिलाफ भी रणनीतिक साजिश रच रहे हैं.
उन्होंने यह आशंका भी जताई है कि आने वाले समय में बलूचिस्तान में चीनी सैन्य बलों की सीधी तैनाती हो सकती है, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और अधिक संवेदनशील हो जाएगी. उनके मुताबिक यह स्थिति न सिर्फ बलूचों के लिए, बल्कि भारत की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है.
पीएम मोदी और भारत की सुरक्षा नीति की तारीफ
पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए मीर यार बलोच ने भारत की हालिया सुरक्षा नीतियों की सराहना की है. खासतौर पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत का मजबूत और निर्णायक कदम बताया है.
बलूच नेता के अनुसार, अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत की कार्रवाई ने यह संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ सख्ती से निपटा जा सकता है. वह इस कार्रवाई को अन्य उत्पीड़ित समुदायों के लिए एक मिसाल के रूप में देखते हैं.
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों का जिक्र
मीर यार बलोच ने अपने पत्र में केवल राजनीतिक और सुरक्षा पहलुओं पर ही नहीं, बल्कि भारत और बलूचिस्तान के बीच ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों की भी बात की है. उन्होंने हिंगोल नेशनल पार्क में स्थित हिंगलाज माता शक्तिपीठ का उल्लेख करते हुए इसे दोनों क्षेत्रों के बीच साझा आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक बताया. उनका कहना है कि ऐसे प्राचीन सांस्कृतिक रिश्ते भारत और बलूचिस्तान के बीच भविष्य में सहयोग और आपसी समझ के लिए एक मजबूत आधार बन सकते हैं.
पाकिस्तान पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप
पत्र में पाकिस्तान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मीर यार बलोच का दावा है कि पिछले लगभग आठ दशकों से बलूचिस्तान में सुनियोजित तरीके से मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है. इसमें जबरन लोगों को गायब करना, प्राकृतिक संसाधनों का शोषण और स्थानीय आबादी को राजनीतिक व आर्थिक अधिकारों से वंचित रखना शामिल है. उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया जाना जरूरी है, ताकि बलूच जनता को न्याय मिल सके.
भारत की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पत्र के सार्वजनिक होने के बाद भी भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि, यह पत्र ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान और चीन से जुड़े मुद्दे पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं. अब देखना यह होगा कि भारत सरकार इस पत्र और उसमें लगाए गए आरोपों पर क्या रुख अपनाती है और क्या यह मामला भविष्य में कूटनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बनता है या नहीं.
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