Meerut News: सरकारी रिकॉर्ड में अगर एक मामूली गलती भी हो जाए, तो उसका असर आम आदमी की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है. उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के किठौर क्षेत्र के एक मजदूर के साथ ऐसा ही कुछ हुआ, जब उसके नाम 67.90 लाख रुपये की टैक्स चोरी का नोटिस आ गया. इस फर्जीवाड़े के पीछे किसी ने उसके पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर करोड़ों का व्यापार दिखाया है.
मजदूर के नाम से चल रही थी फर्जी फर्म
किठौर के बोंद्रा गांव निवासी आसिफ अली एक साधारण मजदूर हैं, जो दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं. लेकिन जब आयकर विभाग से उन्हें टैक्स चोरी का नोटिस मिला, तो उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई. नोटिस में बताया गया कि उनके नाम पर 67.90 लाख की कर चोरी दर्ज है. परेशान होकर आसिफ ने जब आयकर कार्यालय जाकर जानकारी ली, तो पता चला कि उनके पैन नंबर का दुरुपयोग कर किसी ने "रिद्धि-सिद्धि एंटरप्राइजेज" नाम की एक फर्म बनाकर दिसंबर 2018 से व्यापार दिखाया है.
फर्जी दस्तावेज़ों से खोला गया जीएसटी खाता
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कभी कोई फर्म नहीं खोली और न ही इस तरह का कोई व्यापार किया है. आरोप है कि किसी ने उनके पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जीएसटी नंबर जनरेट किया और व्यापार की गतिविधियां शुरू कर दीं. पहला नोटिस मिलने के बाद उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की, जिनका कहना था कि रिकॉर्ड सुधार दिया जाएगा. लेकिन कुछ ही दिन बाद एक और नोटिस पहुंच गया, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई.
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई साइबर क्राइम रिपोर्ट
पुलिस से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब जाकर आसिफ ने न्यायालय की शरण ली. कोर्ट के आदेश पर मेरठ साइबर क्राइम थाने में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की FIR दर्ज की गई है. एसपी क्राइम अवनीश कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी.
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