रायचूर, भारत 24 डिजिटल डेस्क: तेलंगाना-कर्नाटक बॉर्डर के पास कृष्णा नदी (Krishna River) के किनारे सदियों पुरानी विष्णु की मूर्ति और एक शिवलिंग (Shivling) बरामद किया गया है. पुरातत्वविदों का मानना है कि यह मूर्तियां 11वीं या 12वीं सदी की हो सकती हैं. भगवान विष्णु की इस खड़ी प्रतिमा (Vishnu Idol) के प्रभामंडल के चारों ओर 'दशावतारों' को उकेरा गया है.
रामलला जैसी विष्णु की प्रतिमा
इस अनूठे संयोग में सबसे अद्भुत बात यह है कि तकरीबन हजार साल पुरानी भगवान विष्णु की खड़ी प्रतिमा का रूप-रंग और स्वरूप अयोध्या में नवनिर्मित मंदिर में 'राम लला' की मूर्ति से मिलता-जुलता जुलत है. रायचूर यूनिवर्सिटी में प्राचीन इतिहास और पुरातत्व की लेक्चरर डा. देसाई ने बताया कि इस प्रतिमा में विशेष नक्काशी की गई है. उसके प्रभामंडल पर विष्णु के दशावतार बने हैं. उस पर मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिम्हा, वामन, राम, परशुराम, कृष्ण, बुद्ध और कल्की अलंकृत हैं.
प्रतिमा के हैं चार हाथ
विष्णु की खड़ी प्रतिमा के चार हाथ हैं, जिसमें दो ऊपर उठे हाथ शंख और चक्र से सुसज्जित हैं। नीचे की ओर सीधे किए दो हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में हैं. इनमें एक 'कटि हस्त' और दूसरा 'वरद हस्त' है. डा. देसाई कहते हैं कि भगवान विष्णु की प्रतिमा निश्चित रूप से एक मंदिर के गर्भगृह का हिस्सा रही होगी. इसे मंदिर में हुई तोड़फोड़ से बचाने के लिए नदी में डाला गया होगा.