Xi Jinping US Visit: वॉशिंगटन में हुई अमेरिका-चीन समिट के दौरान एक ऐसा पल भी आया, जिसने सबका ध्यान खींच लिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को वाइट हाउस का दौरा कराते समय पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर तंज कसा. ट्रंप की बात सुनकर शी जिनपिंग और उनके साथ मौजूद चीनी प्रतिनिधिमंडल हंस पड़ा.
वाइट हाउस में राष्ट्रपतियों की तस्वीरों वाली गैलरी के पास पहुंचने पर ट्रंप ने अपनी तस्वीरों की ओर इशारा किया. इसके बाद उन्होंने बाइडेन से जुड़ी एक तस्वीर की तरफ इशारा करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा, 'ट्रंप, फिर ट्रंप और फिर यह ऑटोपेन.' ट्रंप के इस अंदाज पर शी जिनपिंग और उनका प्रतिनिधिमंडल ठहाके लगाकर हंसने लगा.
'न्यूज वीक' के मुताबिक, गुरुवार को हुई बैठक के दौरान ट्रंप ने जिनपिंग को वाइट हाउस में लगी नई प्रदर्शनी भी दिखाई. इसमें अमेरिकी राष्ट्रपतियों के पोर्ट्रेट के साथ बाइडेन को लेकर एक तस्वीर भी लगाई गई थी. इसी दौरान ट्रंप ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति का मजाक उड़ाया.
ट्रंप ने उड़ाया जो बाइडेन का मजाक
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपनी पहली और दूसरी राष्ट्रपति पारी से जुड़ी तस्वीरों की ओर इशारा किया. इसके बाद उन्होंने बाइडेन से जुड़ी 'ऑटोपेन' की तस्वीर की तरफ देखा और कहा, 'ट्रंप, फिर ट्रंप और यह ऑटोपेन है.' इस पर शी जिनपिंग और उनके साथ आए प्रतिनिधि हंसने लगे.
.@POTUS shows President Xi the Biden Autopen photo 🤣 https://t.co/L0PbjQe2Aj
— Margo Martin (@MargoMartin47) September 24, 2026
इसके बाद ट्रंप ने शी जिनपिंग की तरफ इशारा करते हुए कहा कि यह बाइडेन हैं. ट्रंप की इस टिप्पणी के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हल्का-फुल्का माहौल देखने को मिला.
ट्रंप और शी के बीच क्या बातचीत हुई?
वाइट हाउस में हुई बैठक में ट्रंप और शी जिनपिंग ने कई अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की. चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, बातचीत में ईरान, यूक्रेन में जारी रूस-यूक्रेन युद्ध और कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव जैसे मुद्दे शामिल रहे.
दोनों नेताओं ने आने वाले क्षेत्रीय सम्मेलनों को लेकर भी समर्थन जताया. चीन की ओर से कहा गया कि दोनों देश ऐसे रिश्ते को आगे बढ़ाने पर सहमत हैं, जिसे शी जिनपिंग ने 'रचनात्मक, रणनीतिक और स्थिर' बताया.
चीनी सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV के मुताबिक, शी जिनपिंग ने अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत दोबारा शुरू करने पर भी जोर दिया. उन्होंने जून में हुए अंतरिम समझौते के बाद आगे की बातचीत का समर्थन किया. शी ने कहा कि चीन एक व्यापक और लंबे समय के समझौते के लिए बातचीत फिर शुरू करने के पक्ष में है, जिसमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम भी शामिल हो.
चीन ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और ईरानी तेल खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में भी शामिल है.