लेबनान के 900 साल पुराने ब्यूफोर्ट किले पर इजराइल का कब्जा, पहाड़ी पर लहराया झंडा, जानें मायने

Israel Capture Beaufort: इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में स्थित ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट किले और उसके आसपास की पहाड़ियों पर कब्जा करने का दावा किया है. इस कार्रवाई के बाद जारी तस्वीरों और वीडियो में किले पर इजराइली झंडा लहराता दिखाई दिया.

Israel captures Lebanon 900-year-old Beaufort Fort flag hoisted on hill
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Israel Capture Beaufort: इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में स्थित ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट किले और उसके आसपास की पहाड़ियों पर कब्जा करने का दावा किया है. इस कार्रवाई के बाद जारी तस्वीरों और वीडियो में किले पर इजराइली झंडा लहराता दिखाई दिया.

कई दिनों तक चला सैन्य अभियान

इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज के अनुसार, इस इलाके पर कब्जा करने के लिए सेना ने कई दिनों तक अभियान चलाया. इस दौरान आसपास के गांवों में सैन्य कार्रवाई और हवाई हमले भी किए गए.

क्यों अहम है ब्यूफोर्ट किला?

ब्यूफोर्ट किला करीब 900 साल पुराना माना जाता है और यह दक्षिणी लेबनान की एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है. यह किला समुद्र तल से लगभग 700 मीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है.

इस स्थान की खास बात यह है कि यहां से दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से के साथ-साथ इजराइल के कुछ इलाकों पर भी नजर रखी जा सकती है. इसी वजह से इसे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

पहले भी सैन्य अड्डा रह चुका है किला

यह किला पहले भी सैन्य महत्व रखता रहा है. वर्ष 1982 से 2000 के बीच दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना की मौजूदगी के दौरान इसे एक प्रमुख सैन्य अड्डे के रूप में इस्तेमाल किया गया था.

सीजफायर के बावजूद जारी हैं हमले

इजराइल और लेबनान के बीच 17 अप्रैल को संघर्ष विराम यानी सीजफायर की घोषणा हुई थी. इसके बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां जारी हैं.

हिजबुल्लाह पर दबाव बढ़ाने की कोशिश?

विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल इस क्षेत्र में अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखकर हिजबुल्लाह पर दबाव बढ़ाना चाहता है. कुछ जानकारों का यह भी कहना है कि क्षेत्रीय हालात और संभावित अमेरिका-ईरान समझौते को देखते हुए इजराइल अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.

मध्य पूर्व में बढ़ी चिंता

ब्यूफोर्ट किले पर कब्जे की खबर के बाद मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. क्षेत्र की स्थिति पर दुनिया भर की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं.

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