ईरान का वो हथियार, जिससे खौफ में है अमेरिका, यूएस नेवी को पीछे हटाने पड़े सभी वॉरशिप

Iran Qasim Bashir Missile: अमेरिकी नौसेना ने हाल ही में ईरान के आसपास तैनात अपने ज्यादातर वॉरशिप को आगे की स्थिति से हटा लिया है. इन जहाजों को ईरान की घेराबंदी के लिए तैनात किया गया था.

Iranian Missile US terrified Navy forced to withdraw all its warships
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Iran Qasim Bashir Missile: अमेरिकी नौसेना ने हाल ही में ईरान के आसपास तैनात अपने ज्यादातर वॉरशिप को आगे की स्थिति से हटा लिया है. इन जहाजों को ईरान की घेराबंदी के लिए तैनात किया गया था. अब सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में ओमान की खाड़ी और अरब सागर में कोई अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर नजर नहीं आ रहा है. सितंबर की शुरुआत के बाद से इन इलाकों में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की मौजूदगी की जानकारी भी सामने नहीं आई है.

इसी दौरान सितंबर की शुरुआत में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कासिम बशीर एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था. इसकी रेंज करीब 1200 किलोमीटर बताई गई है. इतनी दूरी में ओमान की खाड़ी का बड़ा हिस्सा और अरब सागर का कुछ इलाका आता है. ऐसे में इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी युद्धपोत इसकी मारक क्षमता के दायरे में आ सकते थे.

अमेरिकी वॉरशिप कहां गए?

रिपोर्टों के मुताबिक, सितंबर की शुरुआत से सेंटिनल-2 सैटेलाइट की तस्वीरों में यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन, यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश, यूएसएस बॉक्सर और उनके साथ तैनात डिस्ट्रॉयर नजर नहीं आए हैं. इससे पहले इन इलाकों में अमेरिकी युद्धपोतों की मौजूदगी देखी जा रही थी.

हालांकि, इन जहाजों का यहां दिखाई नहीं देना यह साबित नहीं करता कि वे यूएस सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के इलाके से पूरी तरह बाहर चले गए हैं. लेकिन फॉरवर्ड लाइन से उनका पीछे हटना मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच अहम माना जा रहा है.

क्या यह ईरान के लिए बड़ी सफलता है?

5 सितंबर को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की थी कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और एक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर को निशाना बनाया था. अमेरिकी कमांड के मुताबिक, दोनों जहाजों ने ईरान की ओर से किए गए कई हमलों से सफलतापूर्वक बचाव किया. इस घटना में किसी अमेरिकी सैनिक के मारे जाने या युद्धपोत को हुए किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की गई थी.

CENTCOM ने उस समय यह नहीं बताया था कि मिसाइलों ने किन जहाजों को निशाना बनाया था. बाद की रिपोर्टों में दावा किया गया कि इसमें जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश के बजाय यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन कैरियर शामिल था. हालांकि, इस घटना से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.

मिसाइल का नाम कासिम बशीर

अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाए जाने वाली ईरानी मिसाइल की पहचान कासिम बशीर के रूप में बताई गई है. ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने दावा किया कि इस मिसाइल के इस्तेमाल के बाद अमेरिकी जहाजों के लिए हालात बेहद मुश्किल हो गए और उन्हें पीछे हटना पड़ा.

ईरान की ओर से इस मिसाइल को अपनी सैन्य क्षमता और अमेरिका पर दबाव बनाने के एक अहम सबूत के तौर पर पेश किया जा रहा है. हालांकि, अमेरिकी युद्धपोतों के पीछे हटने की वजह के तौर पर केवल इस मिसाइल को जिम्मेदार ठहराने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

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