हैदराबाद में गणेश उत्सव के दौरान होने वाली एक अनोखी नीलामी ने इस बार भी सबका ध्यान खींचा है. बांडलागुडा जागीर स्थित कीर्ति रिचमंड विला में गणेश विसर्जन से पहले तैयार किए गए 5 किलो के प्रसादम लड्डू की नीलामी हुई, जिसे ‘शक्तिमान ग्रुप’ ने 1.01 करोड़ रुपये की बोली लगाकर अपने नाम किया. स्थानीय लोगों के लिए यह लड्डू सिर्फ प्रसाद नहीं, बल्कि समृद्धि और सौभाग्य से जुड़ी धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है. इस बार बोली किसी एक व्यक्ति ने नहीं, बल्कि विला के निवासियों के एक समूह ने मिलकर लगाई है.
25 हजार से शुरू हुई थी करोड़ों की परंपरा
कीर्ति रिचमंड विला में गणेश लड्डू की नीलामी की यह परंपरा साल 2016 में शुरू हुई थी. तब इस 5 किलो के लड्डू के लिए महज 25 हजार रुपये की बोली लगी थी, लेकिन समय के साथ इसकी कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच गई. इस साल 1.01 करोड़ रुपये की बोली पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले कम जरूर रही, क्योंकि इससे पहले यह नीलामी 2 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. इस बार ‘शक्तिमान ग्रुप’ के सदस्यों ने मिलकर राशि जुटाई और फिर लड्डू की बोली अपने नाम की.
गरीब बच्चों की पढ़ाई और मरीजों के इलाज में जाएगा पैसा
1.01 करोड़ रुपये की पूरी राशि सामाजिक कार्यों के लिए दान की जाएगी. कीर्ति रिचमंड विला के निवासियों द्वारा संचालित चैरिटेबल ट्रस्ट इस रकम का इस्तेमाल गरीब बच्चों की पढ़ाई और जरूरतमंद मरीजों के इलाज में करता है. ट्रस्ट से जुड़े लोगों के अनुसार इस बार जुटाई गई राशि करीब 60 गैर-सरकारी संगठनों को दान की जाएगी. पिछले साल भी ट्रस्ट ने 1.66 करोड़ रुपये की राशि जुटाकर 750 से अधिक छात्रों की फीस और 150 से ज्यादा मरीजों के इलाज में मदद की थी.
आस्था के साथ समाजसेवा की मिसाल
कीर्ति रिचमंड विला की यह परंपरा इसलिए भी खास है क्योंकि नीलामी से मिली रकम का इस्तेमाल किसी व्यक्तिगत या व्यावसायिक फायदे के लिए नहीं किया जाता. गणेश उत्सव से जुड़ा यह प्रसादम स्थानीय लोगों के लिए आस्था का प्रतीक है, वहीं इसकी नीलामी से जुटाई गई रकम जरूरतमंदों की मदद में लगाई जाती है. 2016 में 25 हजार रुपये से शुरू हुई यह पहल अब करोड़ों रुपये की सामाजिक सहायता में बदल चुकी है.
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