Vaibhav Sooryavanshi News: भारतीय क्रिकेट में तेजी से उभरते नाम वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम समय में अपनी अलग पहचान बना ली है. शुरुआत में उनकी उम्र को लेकर काफी चर्चा हुई थी. जब राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया, तब वह महज 13 साल के थे. इसके बाद 14 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में डेब्यू कर लिया, जो अपने आप में एक बड़ी बात है.
शुरुआत में लोग उनकी उम्र को लेकर सवाल उठा रहे थे, लेकिन वैभव ने अपने खेल से हर सवाल का जवाब दिया. अपने पहले ही सीजन में उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने सभी को हैरान कर दिया. उन्होंने सिर्फ 35 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया. यह रिकॉर्ड आईपीएल के इतिहास में किसी भी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज शतक बन गया. इसके बाद से ही वैभव का नाम हर क्रिकेट फैन की जुबान पर आ गया.
Watches cartoons, smashes sixes for fun! 😁
— Star Sports (@StarSportsIndia) April 22, 2026
Not many 15-year-olds can do both. That’s Vaibhav Sooryavanshi for you! 🩷#TATAIPL #LSGvRR #LSGvsRR pic.twitter.com/sGBiMv0T8T
आईपीएल 2026 में भी दिख रहा वही आत्मविश्वास
आईपीएल 2026 में भी वैभव सूर्यवंशी का आत्मविश्वास और खेलने का अंदाज पहले जैसा ही नजर आ रहा है. वह मैदान पर उतरते ही आक्रामक शॉट्स खेलने के लिए जाने जाते हैं और गेंदबाजों पर दबाव बना देते हैं. हालांकि हर मैच एक जैसा नहीं होता और ऐसा ही कुछ हाल ही में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ देखने को मिला, जहां वह बड़ा स्कोर बनाने में सफल नहीं हो पाए.
इस मुकाबले में वैभव सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन यह क्रिकेट का हिस्सा है, जहां हर खिलाड़ी को कभी न कभी मुश्किल दौर से गुजरना पड़ता है. खास बात यह है कि इस छोटे स्कोर के बावजूद उनके आत्मविश्वास में कोई कमी नहीं दिखी.
कार्टून से मिलता है सुकून और फोकस
मैच के बाद जब वैभव बातचीत के लिए आए, तो उन्होंने अपनी एक दिलचस्प आदत के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि वह आज भी हर मैच से पहले कार्टून देखते हैं. यह सुनकर कई लोग हैरान हो सकते हैं, लेकिन वैभव के लिए यह उनकी दिनचर्या का हिस्सा है.
उनके मुताबिक, कार्टून देखने से उनका दिमाग शांत रहता है और वह खुद को रिलैक्स महसूस करते हैं. हालांकि इसके साथ ही वह अपने खेल पर पूरा ध्यान भी रखते हैं. उन्होंने साफ कहा कि उनका फोकस हमेशा मैच जीतने पर रहता है और टीम को आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं. अब उनका ध्यान अगले मैच पर है, जहां वह जीत हासिल कर टीम को प्लेऑफ की तरफ ले जाना चाहते हैं.
जब 5 गेंदों तक नहीं बना कोई रन
इस मैच में एक ऐसा पल भी आया, जो वैभव जैसे आक्रामक बल्लेबाज के लिए थोड़ा अलग था. मोहसिन खान की सटीक गेंदबाजी के सामने वह लगातार 5 गेंदों तक कोई रन नहीं बना सके. यह स्थिति उनके लिए थोड़ी असहज थी, क्योंकि वह आमतौर पर शुरुआत से ही रन बनाना पसंद करते हैं.
लगातार डॉट गेंदों के कारण उन पर दबाव बढ़ गया और उन्होंने आखिरी गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की. लेकिन यह प्रयास सफल नहीं रहा और वह आउट हो गए. उन्होंने 11 गेंदों में 8 रन बनाए. यह दिखाता है कि क्रिकेट में कभी-कभी अच्छे से अच्छे खिलाड़ी भी संघर्ष करते हैं.
राजस्थान के गेंदबाजों ने संभाली जिम्मेदारी
भले ही वैभव इस मैच में बड़ा योगदान नहीं दे पाए, लेकिन राजस्थान रॉयल्स के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को मैच में बनाए रखा. उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स की पूरी टीम को सिर्फ 119 रन पर रोक दिया, जो एक बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन माना जाता है.
जोफ्रा आर्चर ने अपनी तेज गेंदबाजी से 3 विकेट झटके और विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा. वहीं नंद्रे बर्गर और बृजेश शर्मा ने भी 2-2 विकेट लेकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई. गेंदबाजों के इस प्रदर्शन ने दिखा दिया कि टीम सिर्फ बल्लेबाजी पर निर्भर नहीं है.
रविंद्र जडेजा का ऑलराउंड प्रदर्शन
इस मैच में सबसे ज्यादा चमक रविंद्र जडेजा की रही. उन्होंने बल्लेबाजी में 43 रन की अहम पारी खेली और साथ ही गेंदबाजी में भी एक विकेट हासिल किया. उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
जडेजा ने जिस तरह से टीम को संभाला, वह अनुभव और संतुलन का बेहतरीन उदाहरण था. उनकी पारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और गेंदबाजों को डिफेंड करने के लिए अच्छा स्कोर दिया.
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