भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब आतंक की आग देश को झुलसाने की कोशिश की जाती है, तो जवाब सिर्फ शब्दों में नहीं, कार्रवाई में दिया जाएगा. रविवार को भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिसने पाकिस्तान में फैले आतंकवादी ढांचे को हिलाकर रख दिया.
बता दें कि चार दिन तक चले जबरदस्त सैन्य तनाव और ऑपरेशन सिंदूर की सफल कार्रवाई के बाद फिलहाल भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर लागू हो चुका है. भारत और पाकिस्तान ने आपसी सहमति से सीजफायर का ऐलान कर दिया है. हालांकि शनिवार को सीजफायर की घोषणा के तीन घंटे बाद ही पाकिस्तानी सेना ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए कई सीमावर्ती क्षेत्रों में गोलीबारी और ड्रोन से हमला करने की कोशिश की. वहीं अब सेना के अधिकारियों ने पाकिस्तान को चेताया है. सेना ने प्रेस वार्ता में कहा है कि, 'अगर आज रात पाकिस्तान सीजफायर तोड़ा तो उसे तगड़ा जवाब मिलेगा.'
ऑपरेशन सिंदूर आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई
भारतीय सेना के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान जाना केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक राष्ट्र की आत्मा को झकझोर देने वाला अपराध था. जनरल घई ने कहा "इस हमले की बर्बरता और परिवारों के दुख ने हमें चेताया कि अब आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का समय है."
ऑपरेशन सिंदूर में 100 से ज्यादा आतंकी ढेर
सेना की साझा प्रेस वार्ता में बताया गया कि 7 मई की सुबह भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ध्वस्त किया. इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकियों को ढेर किया गया. इस ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य आतंक के अपराधियों को सज़ा देना था. उनकी योजना और सप्लाई चैन को खत्म करना था. इसमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदासिर अहमद जैसे कुख्यात आतंकी मारे गए, जो IC-814 विमान अपहरण और पुलवामा हमले जैसे जघन्य अपराधों में शामिल थे.
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