इस्लामाबाद से सामने आई जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम पर प्रतिक्रिया देते हुए उम्मीद जताई कि यह सीजफायर सफल रहेगा. उन्होंने इस्लामी दुनिया से अपील की कि वह इस समझौते की रक्षा करे और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सतर्क रहे.
नेशनल असेंबली में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान में जंगबंदी एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसे बनाए रखने के लिए मुस्लिम देशों को संभावित खतरों के प्रति जागरूक रहना होगा.
पाकिस्तान ने शांति में अपनी भूमिका का किया जिक्र
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस्लाम शांति और सुलह का संदेश देता है और पाकिस्तान उसी दिशा में काम कर रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में ईरान की स्थिति ने उसे वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है, लेकिन क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.
इजरायल के प्रभाव को लेकर जताई चिंता
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ख्वाजा आसिफ ने इजरायल के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि इजरायल का असर यूरोप, अमेरिका और अरब देशों तक फैल चुका है, जिसे देखते हुए इस्लामी देशों को एकजुट रहने की जरूरत है.
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के पास इस मुद्दे पर नेतृत्व की भूमिका निभाने का मौका है और वह इस दिशा में काम कर सकता है.
भारत को लेकर दिया तीखा बयान
अपने संबोधन के दौरान ख्वाजा आसिफ ने भारत और इजरायल को मुस्लिमों का दुश्मन बताते हुए विवादित टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि इस्लामी देशों को अपने विरोधियों की पहचान स्पष्ट रूप से करनी चाहिए और एकजुट होकर उनका सामना करना चाहिए.
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, जिससे इस तरह की बयानबाजी पर चर्चा और तेज हो गई है.
पहले भी विवादों में रहे हैं ख्वाजा आसिफ
ख्वाजा आसिफ पाकिस्तान के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं, लेकिन अपने बयानों को लेकर वे कई बार सुर्खियों में रह चुके हैं. खासतौर पर भारत के खिलाफ उन्होंने पहले भी कई बार कड़े और विवादित बयान दिए हैं.
बीते समय में भी उनके बयानों के कारण दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हुई थी.
स्पीकर अयाज सादिक ने बताया बड़ी उपलब्धि
इस बीच, पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम को बड़ी उपलब्धि बताया है. उन्होंने कहा कि यह पूरे पाकिस्तान के लिए गर्व का क्षण है और इसमें देश की कूटनीतिक कोशिशों की अहम भूमिका रही है.
उनके अनुसार, यह घटनाक्रम दिखाता है कि पाकिस्तान क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर शांति स्थापित करने में योगदान देने की क्षमता रखता है.
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