Yashasvi Jaiswal Century: विशाखापत्तनम के डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए स्टेडियम में खेला गया तीसरा वनडे युवा बल्लेबाज़ यशस्वी जायसवाल के लिए यादगार बन गया. दक्षिण अफ्रीका की चुनौती के सामने उन्होंने बेखौफ बल्लेबाज़ी करते हुए अपने वनडे इंटरनेशनल करियर का पहला शतक पूरा किया और भारत की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई.
इस महत्वपूर्ण मुकाबले में यशस्वी ने 111 गेंदों पर 10 चौकों और एक छक्के की मदद से शानदार शतक जड़ा और अंत तक नाबाद रहते हुए 116 रनों की पारी खेली. यह पारी केवल एक पारी नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा का स्पष्ट प्रमाण थी, जिस पर चयनकर्ताओं, टीम मैनेजमेंट और प्रशंसकों, सभी का भरोसा और मजबूत हो गया.
A match-winning effort! 👌
— BCCI (@BCCI) December 6, 2025
For his fantastic unbeaten 1⃣1⃣6⃣, Yashasvi Jaiswal is adjudged the Player of the Match in Vizag 👏
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तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने वाले भारतीयों की एलीट लिस्ट में शामिल
यशस्वी की यह उपलब्धि उन्हें भारतीय क्रिकेट के उन चुनिंदा बल्लेबाज़ों की श्रेणी में ले आती है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट, टेस्ट, टी20 और वनडे में शतक जड़ा है. अब तक यह उपलब्धि केवल सुरेश रैना, विराट कोहली, रोहित शर्मा, केएल राहुल और शुभमन गिल ही हासिल कर पाए थे.
अब यशस्वी जायसवाल भी इसी गौरवशाली सूची में शामिल हो गए हैं, जो यह बताता है कि युवा बल्लेबाज़ किस तरह तेजी से भारतीय क्रिकेट का महत्वपूर्ण स्तंभ बनते जा रहे हैं.
मौके का भरपूर फायदा, आलोचकों को दिया करारा जवाब
शुभमन गिल के चोटिल होने के कारण यशस्वी को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पूरी सीरीज में खेलने का मौका मिला था. पहले दो मैचों में उनका प्रदर्शन औसत रहा, रांची में 18 रन और रायपुर में 22 रन.
इन पारी ने आलोचनाओं को बढ़ाया, लेकिन निर्णायक मुकाबले में यशस्वी ने न केवल खुद को साबित किया बल्कि यह भी दिखाया कि वह दबाव में कैसे खेलते हैं. उनकी यह शतकीय पारी बताती है कि वह केवल प्रतिभाशाली ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत खिलाड़ी हैं.
रोहित शर्मा के साथ रिकॉर्ड साझेदारी ने बढ़ाई चमक
यशस्वी की इस पारी का एक और खास पहलू रहा उनका रोहित शर्मा के साथ किया गया 155 रनों का ओपनिंग स्टैंड. यह साझेदारी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में भारत की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग पार्टनरशिप बन गई.
इस सूची में सबसे ऊपर 2001 में जोहानिसबर्ग में सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली द्वारा बनाई गई 193 रनों की साझेदारी रही है. रोहित के साथ इस लयबद्ध साझेदारी ने मैच को लगभग एकतरफा बना दिया और भारत को आराम से लक्ष्य हासिल करने में मदद की.
टेस्ट और टी20 में भी यशस्वी का शानदार रिकॉर्ड
यशस्वी जायसवाल का अंतरराष्ट्रीय सफर अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि वह भविष्य में भारतीय क्रिकेट की रीढ़ बन सकते हैं. टेस्ट क्रिकेट में वह पहले ही बड़े स्कोरर के रूप में पहचान बना चुके हैं. अब तक उन्होंने 28 टेस्ट मैच खेलकर 49 से ऊपर की औसत से 2500 से अधिक रन बनाए हैं, जिनमें 7 शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं.
टी20 इंटरनेशनल में भी उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी से कई बार मैच का रुख बदला है. वे 23 टी20 मैचों में 723 रन बना चुके हैं, जिनमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है. इन प्रदर्शन ने यह साबित किया है कि वे किसी एक प्रारूप तक सीमित खिलाड़ी नहीं, बल्कि तीनों फॉर्मेट में अपनी जगह मजबूत करने की क्षमता रखते हैं.
यशस्वी के शतक का महत्व, भविष्य की दिशा तय करता प्रदर्शन
यशस्वी का यह पहला वनडे शतक केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक घोषणा है कि भारतीय टीम को लंबी अवधि के लिए एक और भरोसेमंद ओपनर मिल चुका है. उनकी तकनीक, उनकी टाइमिंग और बड़े मैचों में बड़ी पारी खेलने की क्षमता भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है. शुभमन गिल की वापसी के बाद चयनकर्ताओं के सामने अच्छी समस्या होगी यानी किसे मौका दिया जाए, क्योंकि यशस्वी ने अपनी जगह मजबूत कर दी है.
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