स्टेडियम में जश्न मना रही थी टीम, तभी गंभीर-सूर्या को लेकर कहां चले गए जय शाह? देखें VIDEO

टी-20 वर्ल्ड कप में शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम जश्न में डूबी हुई थी, लेकिन इसी बीच टीम के कुछ प्रमुख चेहरे भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर भी पहुंचे.

IND vs NZ Jai Shah went to the temple with Gambhir-Surya
Image Source: Social Media

T20 World Cup 2026: टी-20 वर्ल्ड कप में शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम जश्न में डूबी हुई थी, लेकिन इसी बीच टीम के कुछ प्रमुख चेहरे भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर भी पहुंचे. रविवार देर रात आईसीसी के अध्यक्ष जय शाह, टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव अहमदाबाद के एक हनुमान मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे. भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद यह खास पल आधी रात को देखने को मिला.

मंदिर परिसर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था. बताया गया कि कप्तान सूर्यकुमार यादव ट्रॉफी के साथ मंदिर पहुंचे और बजरंग बली के सामने माथा टेककर जीत के लिए आभार व्यक्त किया. टीम की बड़ी सफलता के बाद यह आध्यात्मिक क्षण खिलाड़ियों और टीम मैनेजमेंट के लिए काफी खास माना जा रहा है.

आधी रात को मंदिर में की पूजा-अर्चना

भारतीय टीम के तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद देशभर में जश्न का माहौल था. इसी बीच जय शाह, गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव अहमदाबाद के हनुमान मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा की. मंदिर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी और पुलिसकर्मी तैनात दिखाई दिए.

कप्तान सूर्यकुमार यादव ट्रॉफी लेकर मंदिर में प्रवेश करते नजर आए और भगवान हनुमान के सामने सिर झुकाकर आशीर्वाद लिया. टीम की जीत के बाद खिलाड़ियों का भगवान के प्रति आभार व्यक्त करना भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से चली आ रही परंपरा का हिस्सा माना जाता है.

जीत के बाद गंभीर का बयान

भारत की खिताबी जीत के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह सोशल मीडिया पर मौजूद लोगों के प्रति नहीं बल्कि टीम के अंदर मौजूद लोगों के प्रति जवाबदेह हैं.

गंभीर ने साफ कहा कि उनकी जिम्मेदारी ड्रेसिंग रूम में मौजूद उन लोगों के प्रति है जो टीम के साथ काम करते हैं. उनके मुताबिक, कोचिंग सिर्फ एक व्यक्ति का काम नहीं बल्कि पूरी टीम के सहयोग से बनती है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने उन्हें वह कोच बनाया है जो आज वह हैं.

गंभीर ने यह भी बताया कि भारत की यह ट्रॉफी दो दिग्गजों को समर्पित है. उन्होंने पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण को इस उपलब्धि का श्रेय दिया. गंभीर के मुताबिक द्रविड़ ने भारतीय टीम को इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि लक्ष्मण ने नेशनल क्रिकेट अकादमी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने में अहम योगदान दिया है.

फाइनल में भारत का दमदार प्रदर्शन

टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया. टॉस हारने के बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए 5 विकेट पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया.

टीम की ओर से अभिषेक शर्मा ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 21 गेंदों में 52 रन बनाए. वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने 46 गेंदों में 89 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.

गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार ओवर में सिर्फ 15 रन देकर चार विकेट झटके. उनकी घातक गेंदबाजी के सामने न्यूजीलैंड की पूरी टीम दबाव में आ गई.

कीवी टीम 19वें ओवर में 159 रन पर ही ऑलआउट हो गई और भारत ने 96 रन के बड़े अंतर से मुकाबला जीतकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया.

कप्तान सूर्या ने की गंभीर की तारीफ

फाइनल मुकाबले के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर एक साथ पहुंचे. इस दौरान सूर्यकुमार यादव ने गंभीर की जमकर तारीफ की.

सूर्या ने बताया कि उन्होंने गौतम गंभीर की कप्तानी में चार साल तक इंडियन प्रीमियर लीग में खेला है. उस दौरान दोनों के बीच कभी किसी तरह की बहस नहीं हुई क्योंकि दोनों का लक्ष्य सिर्फ टीम को जीत दिलाना था.

कप्तान ने कहा कि उसी दौर में उनकी दोस्ती मजबूत हुई. उन्होंने बताया कि टीम का माहौल भरोसे पर आधारित है और इसी भरोसे के आधार पर उन्होंने खिलाड़ियों का चयन किया.

सूर्यकुमार यादव ने यह भी कहा कि वह यह दावा नहीं करेंगे कि यह भारत का सफेद गेंद क्रिकेट का स्वर्णिम दौर है. उन्होंने याद दिलाया कि हाल के समय में टीम को कुछ वनडे सीरीज में हार का सामना भी करना पड़ा है. उनके मुताबिक टीम का चयन उम्मीद के बजाय भरोसे के आधार पर किया गया था और उसी का परिणाम इस जीत के रूप में सामने आया.