सड़कों पर इमरान खान के समर्थक, PoK में विद्रोह की आग... पाकिस्तान में शहबाज-मुनीर की कुर्सी पर संकट?

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का लॉन्ग मार्च जारी है.

Imran Khan supporters rebellion in PoK Pakistan cornered on two fronts
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पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का लॉन्ग मार्च जारी है. शुक्रवार देर रात तक मार्च का काफिला पेशावर में था और अब चरसद्दा की ओर बढ़ रहा है. दूसरी तरफ, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में भी लोग अपने अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी कर रहे हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार के सामने दो मोर्चों पर चुनौती बढ़ती दिख रही है.

इमरान की रिहाई के लिए आगे बढ़ रहा मार्च

PTI का लॉन्ग मार्च पांचवें दिन में पहुंच चुका है. पार्टी के नेता इसे इमरान खान की रिहाई और अपने राजनीतिक अधिकारों की लड़ाई बता रहे हैं. वहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने साफ कहा है कि मार्च के दबाव में इमरान खान को कोई राहत नहीं दी जाएगी.

जियो न्यूज से बातचीत में आसिफ ने आरोप लगाया कि PTI सरकार पर दबाव बनाने और उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी हर दो-तीन महीने में इस्लामाबाद की ओर मार्च करने का माहौल बनाती है.

आतंकियों से मिलीभगत का आरोप

ख्वाजा आसिफ ने PTI पर प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि खैबर पख्तूनख्वा के कई जिलों में आतंकवादी खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार उन्हें रोकने में नाकाम है.

आसिफ ने PTI से आतंकवादियों का समर्थन बंद करने और उनकी फंडिंग रोकने की अपील भी की. हालांकि, ये आरोप पाकिस्तान सरकार की ओर से लगाए गए हैं.

‘अभी तो टेस्ट मैच चल रहा है’

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी मार्च की अगुवाई कर रहे हैं. पेशावर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने आंदोलन की तुलना क्रिकेट मैच से की. अफरीदी ने कहा कि अभी आंदोलन टेस्ट मैच के शुरुआती दौर में है, इसलिए कार्यकर्ताओं को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि आंदोलन आगे ODI, T20 और फिर T10 जैसे चरणों से गुजरेगा. अफरीदी के मुताबिक, PTI अपनी मांगों को लेकर कई तरीके अपना चुकी है, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने दावा किया कि पार्टी की सभी सात मांगें संविधान के दायरे में हैं. मार्च का अगला राजनीतिक कदम चरसद्दा में घोषित किया जाएगा.

अफरीदी ने बिलावल भुट्टो-जरदारी और मरियम नवाज पर निशाना साधते हुए कहा कि PTI का मार्च उनके मार्च की तरह पहले से तय मुकाबला नहीं है.

POK में भी बढ़ रही शहबाज सरकार की मुश्किल

एक तरफ PTI का मार्च इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भी लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है. रावलाकोट के ईदगाह मैदान में जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी की रैली में हजारों लोग शामिल हुए.

कमेटी के कोर सदस्य सरदार अमान खान ने कहा कि जब तक लोगों की बुनियादी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने प्रशासन पर मांगों को पूरा करने में देरी करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि लोगों की साझा मांगों से समझौता करने वाला कोई भी कदम स्वीकार नहीं किया जाएगा.

इस तरह इमरान खान की रिहाई को लेकर PTI का मार्च और POK में अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन, दोनों ही शहबाज शरीफ सरकार के लिए चुनौती बने हुए हैं.

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