'मुनीर सत्ता के लिए कुछ भी करेगा...' पाकिस्तान आर्मी चीफ पर इमरान खान का दावा, बताया अत्याचारी तानाशाह

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता इमरान खान ने अपने जेल में रहते हुए पाकिस्तान आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर पर तीव्र हमला बोला है.

Imran Khan called Pakistan Army Chief Munir a dictator
Image Source: Social Media

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता इमरान खान ने अपने जेल में रहते हुए पाकिस्तान आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर पर तीव्र हमला बोला है. खान ने मुनीर को पाकिस्तान के इतिहास का सबसे क्रूर और अत्याचारी तानाशाह बताया. उन्होंने यह भी दावा किया कि मुनीर मानसिक रूप से अस्थिर हैं और सत्ता के लालच में किसी भी हद तक जा सकते हैं.

अगस्त 2023 से पाकिस्तान की अदियाला जेल में बंद इमरान खान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से जारी एक पोस्ट में असीम मुनीर और उनके शासनकाल की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि मुनीर के समय में अत्याचार और दमन की सीमा अभूतपूर्व रही है. खान ने सीधे तौर पर कहा, “मुनीर सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं, और उनके कार्य पाकिस्तान के लोकतंत्र और कानून के लिए गंभीर खतरा हैं.”

PTI कार्यकर्ताओं पर अत्याचार के आरोप

इमरान खान ने विशेष रूप से 9 मई, 26 नवंबर और मुरीदके की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि इन सभी मामलों में पीटीआई कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों पर हिंसा की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और सुरक्षा बलों ने निहत्थे नागरिकों पर गोलीबारी की, और इस तरह का दमन किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है. खान ने कहा, “यह केवल राजनीतिक विरोधियों को दबाने का एक तरीका नहीं, बल्कि मानवाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है. महिलाओं और बच्चों के खिलाफ भी हिंसा की गई, जो किसी भी अन्य युग में नहीं देखी गई.”

घरेलू प्रताड़ना और परिवार पर अत्याचार

पूर्व प्रधानमंत्री ने यह भी दावा किया कि असीम मुनीर उनके परिवार के खिलाफ अत्याचार कर रहे हैं. खान ने कहा, “मुनीर मेरी पत्नी बुशरा बीबी को अलग कर प्रताड़ित कर रहे हैं. हमें गुलामी से ज्यादा मौत पसंद है, लेकिन हमारे खिलाफ अत्याचार जारी है. किसी अन्य राजनेता के परिवार को इस तरह की क्रूरता का सामना नहीं करना पड़ा.” उन्होंने जोर देकर कहा कि चाहे कोई भी उपाय अपनाए, वह कभी भी मुनीर के आगे झुकेंगे या समर्पण नहीं करेंगे.

सख्त रवैया और समझौते से इंकार

इमरान खान ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी पार्टी किसी भी तरह की समझौता वार्ता में शामिल नहीं होगी. उन्होंने शहबाज शरीफ की सरकार को ‘सैन्य प्रतिष्ठान की कठपुतली सरकार’ बताया और कहा कि ऐसे प्रशासन के साथ बातचीत करना बेकार है. खान ने कहा कि पिछले अनुभवों से स्पष्ट हुआ है कि जब भी वार्ता की गई, दमन और उत्पीड़न बढ़ गया.

असीम मुनीर पर सीधा हमला

पूर्व प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना प्रमुख पर आरोप लगाया कि वर्तमान में सारी शक्ति एक व्यक्ति- असीम मुनीर- के हाथ में केंद्रित है. उन्होंने कहा, “मुनीर अपनी कुर्सी बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाइयाँ जानबूझकर लंबित रखी जा रही हैं, ताकि वास्तविक मामलों को दबाया जा सके. यह पूरी दुनिया जानती है कि ये मामले बेबुनियाद हैं और टिक नहीं पाएंगे.”

खान ने यह भी संकेत दिया कि असीम मुनीर के नेतृत्व में सेना ने पाकिस्तान में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की है और जनता के अधिकारों का हनन किया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और वह व्यक्तिगत रूप से इस अत्याचार के खिलाफ लड़ते रहेंगे, चाहे कितनी भी बाधाएँ आएँ.

वैश्विक और राष्ट्रीय संदर्भ

विशेषज्ञों का मानना है कि इमरान खान का यह हमला पाकिस्तान की राजनीतिक और सैन्य स्थिति में गंभीर तनाव को दर्शाता है. सेना और राजनीतिक नेतृत्व के बीच यह टकराव न केवल पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति पर असर डाल सकता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से भी चिंता का विषय है. राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि जेल में रहते हुए खान की यह अपील उनके समर्थकों को सक्रिय रखने और अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने की रणनीति हो सकती है.

ये भी पढ़ें- अमेरिका के बाद रूस भी परमाणु परीक्षण के लिए तैयार! पुतिन ने सेना को दिया आदेश, जंग की ओर जा रही दुनिया?