Swiggy-Zomato Hike: देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के साथ-साथ ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवाओं पर भी पड़ता दिखाई दे सकता है. आने वाले समय में Zomato और Swiggy जैसे फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ऑर्डर करना महंगा हो सकता है.
हाल ही में आई एलारा कैपिटल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्यूल की बढ़ती कीमतें इन कंपनियों की डिलीवरी कॉस्ट पर दबाव बढ़ा सकती हैं. हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फिलहाल इस असर को कंपनियां काफी हद तक संभाल सकती हैं.
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते हाल के दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 4 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हुई है. इससे ईंधन की कीमतों में करीब 4 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया.
विशेषज्ञों का मानना है कि फ्यूल की कीमतों में यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर डिलीवरी सेवाओं की लागत को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि फूड डिलीवरी कंपनियों का बड़ा खर्च डिलीवरी नेटवर्क और गिग वर्कर्स पर निर्भर करता है.
डिलीवरी पार्टनर्स बढ़ा सकते हैं ज्यादा पेमेंट की मांग
एलारा कैपिटल की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर फ्यूल महंगा होता है तो डिलीवरी पार्टनर्स अधिक इंसेंटिव या ज्यादा भुगतान की मांग कर सकते हैं. इससे कंपनियों के ऑपरेटिंग खर्च बढ़ सकते हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, फ्यूल लागत में बढ़ोतरी का सीधा असर डिलीवरी इकोनॉमिक्स पर पड़ता है. हालांकि कंपनियां इस अतिरिक्त बोझ को दो तरीकों से संभाल सकती हैं, कुछ हिस्सा ग्राहकों से अतिरिक्त चार्ज के रूप में लिया जा सकता है, जबकि कुछ खर्च कंपनियां खुद वहन कर सकती हैं.
हर ऑर्डर पर कितनी आती है डिलीवरी कॉस्ट?
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के लिए औसत डिलीवरी लागत करीब 35 से 50 रुपए प्रति ऑर्डर तक होती है. वहीं फूड डिलीवरी के लिए यह लागत लगभग 55 से 60 रुपए प्रति ऑर्डर बताई गई है. औसतन देखा जाए तो Zomato के लिए प्रति ऑर्डर डिलीवरी कॉस्ट करीब 45 रुपए और Swiggy के लिए लगभग 55 रुपए रहने का अनुमान जताया गया है.
फ्यूल का हिस्सा कितना?
विश्लेषण के अनुसार, डिलीवरी कॉस्ट में फ्यूल का हिस्सा करीब 20 फीसदी माना गया है. इस हिसाब से हर ऑर्डर पर लगभग 9 से 10 रुपए तक का खर्च केवल ईंधन पर आता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्यूल की मौजूदा 4 फीसदी कीमत वृद्धि का असर हर ऑर्डर पर करीब 0.44 रुपए तक पड़ सकता है.
आगे और बढ़ सकती है लागत
एलारा कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में एक संभावित जोखिम का भी जिक्र किया है. रिपोर्ट के मुताबिक अगर आने वाले महीनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 4 रुपए प्रति लीटर की मौजूदा बढ़ोतरी से बढ़कर 10 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच जाती हैं, तो इसका असर और ज्यादा गंभीर हो सकता है. ऐसी स्थिति में प्रति ऑर्डर अतिरिक्त लागत लगभग 1 से 1.2 रुपए तक पहुंच सकती है.
इससे कंपनियों की कमाई और मुनाफे पर भी असर पड़ने की संभावना जताई गई है. रिपोर्ट के अनुसार, इस स्थिति का असर Eternal के FY27 एडजस्टेड EBITDA पर लगभग 4 से 5 फीसदी तक पड़ सकता है, जबकि Swiggy पर इसका असर करीब 10 से 12 फीसदी तक होने का अनुमान है.
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