गाजियाबाद में चल रहा था अवैध मदरसा, दो घंटे में बुलडोजर ने कर दिया जमीनदोज, संचालक पर भारी जुर्माना

Ghaziabad Madrasa Demolition: गाजियाबाद कमिश्नरेट के मसूरी थाना क्षेत्र में बुधवार को प्रशासन ने एक कथित अवैध मदरसे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे ध्वस्त कर दिया. प्रशासन की निगरानी में पांच बुलडोजरों की मदद से करीब दो घंटे तक अभियान चलाया गया, जिसके बाद पूरा निर्माण गिरा दिया गया.

Illegal Madrasa was running in Ghaziabad bulldozer razed it to the ground within two hours
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Ghaziabad Madrasa Demolition: गाजियाबाद कमिश्नरेट के मसूरी थाना क्षेत्र में बुधवार को प्रशासन ने एक कथित अवैध मदरसे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे ध्वस्त कर दिया. प्रशासन की निगरानी में पांच बुलडोजरों की मदद से करीब दो घंटे तक अभियान चलाया गया, जिसके बाद पूरा निर्माण गिरा दिया गया.

कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. प्रशासन को कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी, इसलिए बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान तीन प्लाटून RAF, दो कंपनी PAC, अन्य जोनों से बुलाए गए करीब 500 पुलिसकर्मी और स्थानीय स्तर पर तैनात लगभग 300 पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे. इसके अलावा कई थाना प्रभारियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी. कुछ सुरक्षाकर्मियों को एंटी-रायट उपकरणों के साथ तैनात किया गया था ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.

कार्रवाई से पहले पढ़कर सुनाया गया आदेश

बुलडोजर चलाने से पहले प्रशासनिक अधिकारियों ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए मौके पर मौजूद लोगों को माइक के जरिए आदेश और कानूनी निर्देशों की जानकारी दी. इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई.

प्रशासन का आरोप है कि मदरसे का निर्माण ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जा करके कराया गया था. अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2021 में इस भूमि पर कब्जा कर निर्माण कार्य किया गया था.

सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप

अधिकारियों के मुताबिक मसूरी क्षेत्र के कल्लूगढ़ी इलाके में स्थित मदरसा जामिया अरबिया इशातुल इस्लाम सरकारी बंजर भूमि पर बना हुआ था. प्रशासन का दावा है कि करीब 12 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था. सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार इस भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 24 करोड़ रुपये बताया जा रहा है.

संचालक पर जुर्माना और मुकदमा

प्रशासन ने मदरसा संचालक फारूक पर 1 करोड़ 23 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके साथ ही उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. लेखपाल अनुपम मिश्रा की शिकायत के आधार पर मसूरी थाने में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि अब निर्माण और संस्थान के संचालन से जुड़े वित्तीय स्रोतों की भी जांच की जाएगी.

आगे भी जारी रहेगा अभियान

अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि जांच के दौरान अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अतिरिक्त कार्रवाई की जा सकती है. प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीनों पर कब्जा और अवैध निर्माण के मामलों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. अधिकारियों ने दोहराया कि नियमों का उल्लंघन कर किए गए निर्माणों पर भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी.

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले खोड़ा क्षेत्र में भी तीन मदरसों को सील किया गया था. प्रशासनिक कार्रवाई के चलते जिले में अवैध निर्माण और सरकारी भूमि पर कब्जे के मामलों को लेकर सख्ती बढ़ती दिखाई दे रही है.

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