नई दिल्ली: क्या आपके पास ऐसा कोई बैंक खाता है जिसे आपने लंबे समय से नहीं छुआ? अगर हां, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है. भारत में लाखों ऐसे बैंक खाते हैं जो सालों से बिना किसी लेनदेन के बंद पड़े हैं और खाताधारकों को यह भी नहीं पता कि उन खातों में जमा पैसा अब कहां है. लेकिन चिंता न करें आप अब भी अपना पैसा आसान तरीकों से वापस पा सकते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है और पूरे देश में एक विशेष अभियान की शुरुआत की है. आइए समझते हैं कि निष्क्रिय खाता क्या होता है, पैसा कहां जाता है और आप उसे वापस कैसे पा सकते हैं.
निष्क्रिय खाता क्या होता है?
जब किसी बैंक खाते में लगातार दो साल या उससे ज्यादा समय तक कोई भी लेन-देन नहीं होता है जैसे कि पैसे जमा करना, निकालना या ट्रांसफर करना तो वह खाता निष्क्रिय (Inactive) या अवक्रिय (Dormant) माना जाता है. यदि यह स्थिति 10 साल या उससे ज्यादा बनी रहती है, तो उस खाते में मौजूद पूरी राशि (ब्याज सहित) बैंक द्वारा RBI के एक विशेष फंड में ट्रांसफर कर दी जाती है, जिसे DEA फंड कहा जाता है.
DEA फंड क्या है?
DEA (Depositor Education and Awareness) Fund भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 2014 में शुरू किया गया एक फंड है. इसका मकसद यह है कि उन खातों में पड़ी रकम को संभालकर रखा जाए जिन पर वर्षों से किसी ने दावा नहीं किया है. बैंक ऐसे सभी निष्क्रिय खातों में जमा पैसा ब्याज समेत इस फंड में ट्रांसफर कर देते हैं. अच्छी बात यह है कि खाताधारक या उनके कानूनी वारिस कभी भी इस पैसे का दावा कर सकते हैं, भले ही रकम DEA फंड में चली गई हो.
पैसा वापस पाने के लिए RBI की पहल
RBI अब अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच देश के हर जिले में विशेष आउटरीच कैंप (शिविर) लगाने जा रहा है. इन शिविरों में लोगों को उनके अनक्लेम्ड एसेट्स (Unclaimed Assets) यानी बिना दावे वाली संपत्ति को वापस दिलाने में मदद की जाएगी. इसमें निष्क्रिय बैंक खातों की राशि भी शामिल होगी.
पैसा वापस पाने के आसान स्टेप्स
अगर आप अपने पुराने निष्क्रिय खाते से पैसा वापस लेना चाहते हैं, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है. इसके लिए कुछ आसान स्टेप्स हैं:
किसी भी बैंक शाखा में जाएं – यह जरूरी नहीं है कि वही पुरानी शाखा हो जहां आपने खाता खुलवाया था.
एक फॉर्म भरें – बैंक द्वारा दिया गया क्लेम फॉर्म भरें जिसमें खाता संबंधी जानकारी देनी होगी.
KYC दस्तावेज़ जमा करें – जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर ID, ड्राइविंग लाइसेंस आदि.
बैंक आपकी जानकारी की जांच करेगा – बैंक द्वारा सभी दस्तावेज और डिटेल्स वेरिफाई की जाएंगी.
पैसा मिलेगा ब्याज सहित – एक बार जांच पूरी होने के बाद, आपका पैसा ब्याज समेत आपके खाते में वापस भेज दिया जाएगा.
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