ताइवान को निगल जाएगा ड्रैगन! तैनात किया ड्रोन, रॉकेट और फाइटर जेट, चीन ने आसमान से समुद्र तक दिखाई ताकत

बीजिंग और ताइपे के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. चीन ने हाल ही में ताइवान के पास एक बड़े सैन्य अभ्यास का आयोजन किया है, जिसमें उसकी आर्मी, नेवी और रॉकेट यूनिट को शामिल किया गया है.

Heavy tension between China and Taiwan Army Navy and Rocket
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

China-Taiwan tension: बीजिंग और ताइपे के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. चीन ने हाल ही में ताइवान के पास एक बड़े सैन्य अभ्यास का आयोजन किया है, जिसमें उसकी आर्मी, नेवी और रॉकेट यूनिट को शामिल किया गया है. इस अभ्यास का उद्देश्य चीन के मुताबिक युद्ध की तैयारी का आकलन करना और ताइवान में किसी भी स्वतंत्रता संबंधी कोशिश को रोकने के लिए चेतावनी देना है.

चीन और ताइवान के बीच ये तनाव ऐसे समय पर सामने आया है, जब बीजिंग की ताइवान पर आक्रामक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं. फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान सरकार ने इस अभ्यास की निंदा करते हुए इसे चीन की “सैन्य धमकी” करार दिया है.

चीन की तैयारी और रणनीति

चीन की ईस्टर्न थिएटर कमांड ने ताइवान के आसपास समुद्र और हवाई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अभ्यास शुरू किया है. इस अभ्यास का नाम “जस्ट मिशन 2025” रखा गया है. इसके तहत पांच प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है:

  • ताइवान जलडमरूमध्य
  • ताइवान का उत्तर
  • दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र
  • दक्षिण-पूर्व क्षेत्र
  • पूर्वी क्षेत्र

चीनी अधिकारियों के अनुसार, ये इलाके अभ्यास के दौरान लगभग 10 घंटे तक समुद्र और हवाई क्षेत्र की पाबंदियों के अंतर्गत रहेंगे. ईस्टर्न थिएटर कमांड के प्रवक्ता शी यी ने कहा कि अभ्यास का मकसद समुद्र और हवा में युद्ध की तैयारी का आकलन करना, पूरे क्षेत्र में नियंत्रण स्थापित करना और मुख्य बंदरगाहों तथा रणनीतिक क्षेत्रों की नाकेबंदी सुनिश्चित करना है.

इस अभ्यास में शामिल बलों में आर्मी की टुकड़ियाँ, नौसेना के युद्धपोत और रॉकेट यूनिट शामिल हैं. ये सभी इकाइयाँ क्षेत्रीय नियंत्रण, त्वरित प्रतिक्रिया और सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए मैदान में उतारी गई हैं.

ताइवान का कड़ा जवाब

ताइवान की ओर से भी चीन की गतिविधियों का तुरंत जवाब दिया गया. राष्ट्रपति की प्रवक्ता करेन कुओ ने कहा कि चीन की ड्रिल ताइवान जलडमरूमध्य और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा तथा स्थिरता को कमजोर करती है. उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानदंडों की अवहेलना बताया और पड़ोसी देशों को धमकाने की कोशिश करार दिया.

ताइवान की सेना ने भी अपनी तैयारियों का संकेत दिया. ताइवानी अधिकारियों ने बताया कि द्वीप के चारों ओर पर्याप्त संख्या में बल तैनात किए गए हैं. इसके अलावा, एक रिस्पॉन्स सेंटर भी स्थापित किया गया है. ताइवानी सशस्त्र बलों ने त्वरित प्रतिक्रिया अभ्यास किया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में चीन की किसी भी गलती का तुरंत जवाब दिया जा सके.

चीन-ताइवान संबंधों का पृष्ठभूमि

चीन और ताइवान के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ है. 2022 में तत्कालीन अमेरिकी हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी के ताइवान दौरे के बाद चीन की आक्रामकता और बढ़ गई थी. उस दौर में अमेरिका ने ताइवान का समर्थन किया था, जिससे चीन को नाराजगी हुई और उसने ताइवान के आसपास सैन्य गतिविधियों को तेज कर दिया.

विशेषज्ञों के अनुसार, चीन का यह अभ्यास सिर्फ शक्ति प्रदर्शन नहीं है, बल्कि ताइवान पर नियंत्रण और संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी का संकेत है. वहीं ताइवान की सक्रिय तैयारियां भी द्वीप की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समर्थन दिखाने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही हैं.

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