43°C की झुलसाती गर्मी, फिर भी दो कंबल में लिपटा शख्स! हरियाणा से सामने आया हैरान करने वाला वीडियो

Santlal Viral Story: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के डेरोली अहीर गांव में रहने वाले संतलाल इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं. उनकी कहानी सामान्य इंसान से अलग इसलिए मानी जाती है क्योंकि वे मौसम के असर को बिल्कुल उल्टा महसूस करने का दावा करते हैं.

Haryana Santlal claims opposite seasonal body temperature sensation
Image Source: Social Media

Santlal Viral Story: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के डेरोली अहीर गांव में रहने वाले संतलाल इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं. उनकी कहानी सामान्य इंसान से अलग इसलिए मानी जाती है क्योंकि वे मौसम के असर को बिल्कुल उल्टा महसूस करने का दावा करते हैं. जहां तेज गर्मी में लोग पसीने से परेशान हो जाते हैं, वहीं संतलाल कंबल ओढ़कर बैठे दिखाई देते हैं. इसी अनोखी स्थिति ने उन्हें सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय लोगों के बीच एक रहस्य जैसा बना दिया है.

मौसम के उलट अनुभव का दावा

संतलाल का कहना है कि उनका शरीर मौसम के साथ सामान्य लोगों जैसा व्यवहार नहीं करता. वे बताते हैं कि सर्दियों में उन्हें गर्मी महसूस होती है और गर्मियों में ठंड का एहसास होता है. यही कारण है कि भीषण गर्मी के दिनों में जब तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, तब भी वे कंबल ओढ़े रहते हैं. वहीं सर्दियों में वे ठंड से बचने के बजाय बर्फ जैसी परिस्थितियों में भी सहज नजर आते हैं.

गर्मी में कंबल और ठंड में बर्फ का सहारा

गांव के लोग बताते हैं कि संतलाल का जीवन बेहद अलग और चौंकाने वाला है. गर्मियों में जब सभी लोग पंखे और एसी के सहारे रहते हैं, तब वे दो-दो कंबल ओढ़कर बैठे रहते हैं. यहां तक कि वे अलाव जलाकर उसके पास बैठते हैं, जबकि उनके शरीर पर पसीना तक नहीं दिखता. दूसरी तरफ सर्दियों में वे बर्फ की सिल्ली पर लेटने और सुबह तालाब में स्नान करने जैसे काम भी सहजता से करते हैं.

बीमारी से दूर रहने का दावा

संतलाल का कहना है कि उन्होंने आज तक किसी गंभीर बीमारी का सामना नहीं किया है. वे अपने इस अनोखे शारीरिक अनुभव को जन्मजात मानते हैं. उनके अनुसार बचपन से ही उनका शरीर मौसम को अलग तरीके से महसूस करता है, और इसी वजह से वे सामान्य बीमारियों से दूर रहते हैं. गांव के लोग भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि उन्होंने उन्हें कभी सामान्य बीमारियों से परेशान नहीं देखा.

प्रशासन और डॉक्टरों की जांच

स्थानीय लोगों के अनुसार संतलाल की स्थिति को लेकर समय-समय पर चिकित्सा जांच भी की गई है. डॉक्टरों की टीमों ने उनकी जांच की, लेकिन अब तक उनकी इस अनोखी स्थिति का कोई स्पष्ट वैज्ञानिक कारण सामने नहीं आ पाया है. जिला प्रशासन द्वारा उन्हें कई बार सम्मानित भी किया गया है, जिससे उनकी पहचान और अधिक चर्चा में आ गई है.

गांव में ‘मौसम विभाग’ के नाम से पहचान

डेरोली अहीर गांव में संतलाल को लोग केवल उनके नाम से नहीं जानते, बल्कि उन्हें मजाकिया अंदाज में ‘मौसम विभाग’ भी कहा जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि उनका व्यवहार और मौसम के प्रति उनकी प्रतिक्रिया उन्हें एक अलग ही पहचान देती है. कुछ लोग इसे प्रकृति का दुर्लभ करिश्मा मानते हैं, तो कुछ इसे एक अनोखी शारीरिक अवस्था के रूप में देखते हैं.

ये भी पढ़ें: WhatsApp Scam Alert: व्हाट्सएप पर ऐसा मैसेज आते ही हो जाएं सावधान, एक क्लिक से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट?