Gurugram-Faridabad-Noida Namo Bharat Corridor: दिल्ली-एनसीआर में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है. अब हरियाणा को भी अपनी पहली नमो भारत रैपिड रेल मिलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है.
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले नए रैपिड रेल कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) को सौंप दी है. अब इस परियोजना पर हरियाणा सरकार विचार करेगी. मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा.
63 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर
प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर की कुल लंबाई 63 किलोमीटर होगी. इसमें करीब 50 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में और 13 किलोमीटर उत्तर प्रदेश में आएगा. इस परियोजना पर लगभग 19,390 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
रैपिड रेल के साथ चलेगी मेट्रो
इस कॉरिडोर की खास बात यह है कि यहां केवल नमो भारत रैपिड रेल ही नहीं, बल्कि मेट्रो सेवा भी उपलब्ध होगी. योजना के अनुसार पूरे रूट पर 7 रैपिड रेल स्टेशन और 15 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी.
गुरुग्राम में कहां होंगे स्टेशन?
गुरुग्राम में नमो भारत रैपिड रेल के तीन स्टेशन प्रस्तावित हैं.
वहीं मेट्रो के लिए पांच स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं.
फरीदाबाद में कहां रुकेंगी रैपिड रेल?
इसके अलावा सात नए मेट्रो स्टेशन भी प्रस्तावित हैं, जिनमें एनआईटी-3, एनआईटी-1, सेक्टर-12/13/14/15 चौराहा, सेक्टर-80, सेक्टर-81/82 चौराहा, सेक्टर-85/86 चौराहा और बादशाहपुर शामिल हैं.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रूट
फरीदाबाद से आगे यह रैपिड रेल यमुना नदी पार कर एफएनजी एक्सप्रेसवे के साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहुंचेगी. उत्तर प्रदेश में इसके दो प्रमुख स्टेशन होंगे.
इसके अलावा मेट्रो के तीन स्टेशन प्रस्तावित हैं.
परियोजना के लिए कहां से आएगा पैसा?
रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना के लिए अलग-अलग स्रोतों से फंड जुटाया जाएगा.
यात्रा का समय होगा कम
फिलहाल गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा के बीच सड़क मार्ग से यात्रा करने में अक्सर लंबा जाम लगता है. नया नमो भारत कॉरिडोर बनने के बाद इन शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर करीब 50 मिनट रह जाएगा.
दोनों एयरपोर्ट भी होंगे कनेक्ट
इस कॉरिडोर की एक और बड़ी खासियत यह होगी कि यह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को भी बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद करेगा. सूरजपुर स्टेशन भविष्य में गाजियाबाद-जेवर रैपिड रेल रूट के लिए इंटरचेंज स्टेशन का काम भी करेगा.
दिल्ली मेट्रो से भी मिलेगा सीधा कनेक्शन
यह नया कॉरिडोर कई बड़े मेट्रो नेटवर्क को आपस में जोड़ेगा. इसमें दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन, दिल्ली मेट्रो की वॉयलेट लाइन, नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो शामिल हैं. इससे एनसीआर के लाखों लोगों को एक ही नेटवर्क के जरिए सफर करने की सुविधा मिलेगी.
आगे क्या होगा?
फिलहाल DPR संबंधित विभागों को भेजी गई है. विभागों से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव राज्य सरकार और फिर कैबिनेट के पास जाएगा. अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद इस महत्वाकांक्षी रैपिड रेल परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा.
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