Noida News: गौतमबुद्ध नगर जिला अब कम उम्र के युवाओं को शराब परोसने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने जा रहा है. आबकारी विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि 21 वर्ष से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति को पब, बार या होटल में शराब परोसना सख्त मना है. यह कदम न केवल युवाओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए है, बल्कि देर रात पबों में होने वाली अव्यवस्था और हुड़दंग को रोकने के लिए भी उठाया गया है. नियम तोड़ने वालों को भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द होने की चेतावनी दी गई है. आइए, इस नए नियम और इसके पीछे के कारणों को विस्तार से समझें.
आबकारी विभाग का सख्त निर्देश
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में वर्तमान में 155 स्थायी बार लाइसेंस धारक हैं. सभी पब, बार और होटल संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में आने वाले ग्राहकों की उम्र की जांच करें. यदि कोई 21 वर्ष से कम उम्र का व्यक्ति शराब पीते या परोसते पाया गया, तो तत्काल कार्रवाई होगी. इसमें भारी आर्थिक दंड के साथ-साथ बार का लाइसेंस रद्द करने तक की सजा शामिल है. यह नियम न केवल बार मालिकों, बल्कि प्रबंधकों और कर्मचारियों पर भी लागू होगा, ताकि कोई भी लापरवाही न बरत सके.
क्यों बढ़ी शिकायतें?
पिछले कुछ समय से गौतमबुद्ध नगर में पब और बार में कम उम्र के युवाओं द्वारा शराब पीने और हंगामा करने की शिकायतें बढ़ी हैं. जन्मदिन पार्टियों, शादी की सालगिरह या अन्य पारिवारिक आयोजनों में नाबालिगों और 21 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को शराब परोसने की घटनाएं सामने आई हैं. इन घटनाओं ने न केवल कानून का उल्लंघन किया, बल्कि देर रात तक चलने वाली पार्टियों से आसपास के इलाकों में शांति भंग हुई है. स्थानीय निवासियों और पुलिस की शिकायतों के बाद आबकारी विभाग ने इस दिशा में सख्ती बरतने का फैसला किया है.
नियम तोड़ा तो बार बंद होने का खतरा
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में 21 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों को शराब परोसना अपराध माना जाएगा, चाहे वे परिवार के साथ आए हों या दोस्तों के साथ. नियम का उल्लंघन करने पर बार मालिक को न केवल भारी जुर्माना भरना होगा, बल्कि उनके बार का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है. गंभीर मामलों में बार को स्थायी रूप से बंद करने की कार्रवाई भी संभव है. यह सख्ती यह सुनिश्चित करने के लिए है कि शराब का दुरुपयोग न हो और सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे.
कदम उठाने का उद्देश्य
इस सख्त नियम का मकसद युवाओं को शराब के दुष्प्रभावों से बचाना और सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखना है. आबकारी विभाग का मानना है कि कम उम्र में शराब की उपलब्धता न केवल युवाओं के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि उनके भविष्य और सामाजिक व्यवहार पर भी बुरा असर डालती है. इसके अलावा, देर रात पबों और बारों में होने वाली अव्यवस्था, जैसे झगड़े और शोर-शराबा, स्थानीय समुदाय के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं. इस कदम से न केवल कानूनी अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जिले में एक सुरक्षित और स्वस्थ माहौल भी सुनिश्चित होगा.
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