Ganesh Visarjan 2026: विसर्जन से पहले टूट जाए गणपति की मूर्ति तो क्या करें? जानें सही नियम

Anant Chaturdashi 2026 Date: अगर विसर्जन से पहले किसी वजह से गणपति की प्रतिमा गिरकर खंडित हो जाए, तो भक्तों के मन में कई सवाल उठना स्वाभाविक है. क्या ऐसी प्रतिमा की पूजा जारी रखनी चाहिए या उसे तुरंत विसर्जित कर देना चाहिए?

ganesh-idol-damaged-before-visarjan-what-to-do
Image Source: Social Media

Anant Chaturdashi 2026 Date: गणेश उत्सव के दौरान भक्त पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ गणपति बप्पा की पूजा करते हैं. घर में कई दिनों तक भगवान गणेश की सेवा और आराधना के बाद अनंत चतुर्दशी पर उन्हें विदाई दी जाती है. लेकिन अगर विसर्जन से पहले किसी वजह से गणपति की प्रतिमा गिरकर खंडित हो जाए, तो भक्तों के मन में कई सवाल उठना स्वाभाविक है. क्या ऐसी प्रतिमा की पूजा जारी रखनी चाहिए या उसे तुरंत विसर्जित कर देना चाहिए? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय प्रतिमा के प्रति सम्मान बनाए रखना सबसे जरूरी माना जाता है.

खंडित गणपति की प्रतिमा हो जाए तो क्या करें?

मान्यताओं के अनुसार, अगर स्थापित गणपति प्रतिमा विसर्जन से पहले खंडित हो जाए, तो सबसे पहले भगवान गणेश के सामने हाथ जोड़कर अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा मांगनी चाहिए. इसके बाद प्रतिमा को सम्मानपूर्वक पूजा स्थान से हटाकर विसर्जन करना उचित माना जाता है. खंडित प्रतिमा को कूड़े में फेंकना, किसी सुनसान या अपवित्र स्थान पर छोड़ना अथवा उसका अनादर करना धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं माना जाता. भक्त चाहें तो गणपति का ध्यान और मंत्र स्मरण करते हुए प्रतिमा को विदाई दे सकते हैं.

क्या खंडित प्रतिमा की पूजा जारी रखनी चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं में देवी-देवताओं की प्रतिमा को पूर्ण और अखंड स्वरूप में रखना शुभ माना जाता है. ऐसे में अगर गणपति की स्थापित प्रतिमा खंडित हो जाए, तो उसकी पहले की तरह पूजा जारी रखने के बजाय सम्मानपूर्वक विसर्जन करने की परंपरा बताई जाती है. हालांकि प्रतिमा का टूट जाना अपने आप में किसी अनहोनी का निश्चित संकेत नहीं माना जाना चाहिए. कई बार प्रतिमा गिरने या किसी दुर्घटना की वजह से भी खंडित हो सकती है, इसलिए भक्तों को डरने या किसी अशुभ घटना की आशंका से परेशान होने की जरूरत नहीं है.

खंडित प्रतिमा का कैसे करें विसर्जन?

अगर गणपति की प्रतिमा विसर्जन से पहले खंडित हो गई है, तो उसे साफ और सम्मानजनक तरीके से विसर्जन स्थल तक ले जाना चाहिए. इस दौरान भगवान गणेश का स्मरण करते हुए उनसे अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा प्रार्थना की जा सकती है. इसके बाद विधि और श्रद्धा के साथ खंडित प्रतिमा का विसर्जन करें. साल 2026 में गणपति विसर्जन का मुख्य दिन 25 सितंबर, शुक्रवार को है, इसी दिन अनंत चतुर्दशी भी मनाई जाएगी. धार्मिक परंपरा के अनुसार, इसी के साथ गणेश उत्सव का समापन होता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. भारत 24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: अन्न से लेकर काले तिल तक, पितृपक्ष में इन चीजों का दान माना जाता है बेहद शुभ