Maharashtra Freedom of Religion Act: महाराष्ट्र में धार्मिक स्वतंत्रता कानून 28 अगस्त 2026 से लागू होने जा रहा है. सरकार ने इसे लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. शिवसेना नेता संजय निरुपम ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे जबरन धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम बताया.
संजय निरुपम ने कहा कि देश में लंबे समय से लोगों को लालच, दबाव या किसी दूसरे तरीके से धर्म बदलने के लिए मजबूर करने की शिकायतें सामने आती रही हैं. उनके मुताबिक, ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने यह कानून बनाया है. उन्होंने दावा किया कि कानून का एक बड़ा हिस्सा 'लव जिहाद' से जुड़े मामलों को रोकने पर केंद्रित है.
संजय निरुपम ने क्या कहा?
संजय निरुपम ने कहा कि यह कानून महाराष्ट्र की महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए अहम है. उनका कहना है कि अब किसी को दबाव या धोखे से शादी करने और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की कोशिश पर कार्रवाई की जा सकेगी.
उन्होंने कहा कि अगर किसी महिला के साथ शादी के नाम पर धोखा होता है या उसे छोड़ दिया जाता है, तो उसके अधिकारों और पहचान की सुरक्षा के लिए कानून में प्रावधान किए गए हैं.
महिलाओं की सुरक्षा पर दिया जोर
शिवसेना नेता ने कहा कि सरकार का मकसद महाराष्ट्र की बेटियों को कानूनी सुरक्षा देना है. उन्होंने दावा किया कि कानून के तहत जबरन धर्म परिवर्तन और शादी के नाम पर धोखाधड़ी जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जा सकेगी. उन्होंने महाराष्ट्र की महिलाओं को इस कानून के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम है.
ये भी पढ़ें- ईरान-अमेरिका में बढ़ा तनाव! ट्रंप ने होर्मुज को बताया 'NEW U.S. Territory', तेहरान का आया जवाब