फ्लाईदुबई के कॉकपिट में हुई कथित हमले की घटना को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सख्त रुख अपनाया है. नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश में कहा कि शुरुआती जांच में हमलावर के इस्लामी कट्टरपंथ से प्रभावित होने की आशंका सामने आई है. उनके मुताबिक, जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि क्या हमलावर को किसी ने भेजा था. नेतन्याहू ने कहा कि घटना के पीछे जो भी लोग होंगे, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.
מי ששלח את הטייס הזה ישלם מחיר כבד מאוד pic.twitter.com/C4sDXRuR2r
— Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) October 2, 2026
नेतन्याहू ने 11 सितंबर जैसी तबाही का किया जिक्र
नेतन्याहू ने अपने बयान में कैप्टन स्मित मछार और उनके साथियों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी बहादुरी की वजह से एक बड़ी त्रासदी टल गई. उन्होंने दावा किया कि हमलावर का इरादा यात्रियों समेत विमान को क्रैश करने का था और इसकी तुलना 11 सितंबर जैसी संभावित तबाही से की. हालांकि, हमले के पीछे किसी संगठन या व्यक्ति की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है और इस मामले में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है.
यूएई सलाहकार ने घटना को बताया आतंकवादी एक्ट
इससे पहले यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गश ने भी घटना को आतंकवादी एक्ट बताया था. उन्होंने कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि पायलट ने संभावित बड़े हादसे को रोककर साहस और जिम्मेदारी का परिचय दिया. साथ ही उन्होंने घटना को लेकर बिना पुष्टि के अटकलों और साजिश की थ्योरी से बचने की अपील की. इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने भी इसे जिहादी हमले की कोशिश बताया था.
ईरान कनेक्शन की भी हो रही जांच
घटना के बाद नेतन्याहू ने यह भी कहा था कि जांचकर्ता इस पहलू की पड़ताल कर रहे हैं कि कहीं इस मामले में ईरान की कोई भूमिका तो नहीं थी. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया था कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. फिलहाल घटना के पीछे की मंशा, संभावित साजिश और किसी बाहरी कनेक्शन को लेकर जांच जारी है.
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