Delhi Slum Redevelopment: दिल्ली सरकार झुग्गी बस्तियों के लोगों के लिए नई आवास योजना लाने की तैयारी कर रही है. इस योजना का उद्देश्य झुग्गी में रहने वाले परिवारों को उसी इलाके या उसके आसपास पक्का फ्लैट देना है, ताकि उन्हें रोजगार, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानी न हो.
सरकार "जहां झुग्गी, वहीं मकान" की योजना पर काम कर रही है. इसके तहत झुग्गी बस्तियों की जगह बहुमंजिला इमारतें बनाई जाएंगी और पात्र परिवारों को उनमें फ्लैट दिए जाएंगे.
पहले चरण में 17 झुग्गी बस्तियां शामिल
योजना के पहले चरण में 17 झुग्गी बस्तियों को शामिल करने की तैयारी है. सरकार जल्द ही इन इलाकों का नया सर्वे शुरू करेगी. इसके लिए झुग्गियों की कट-ऑफ तारीख जनवरी 2025 तय की गई है. माना जा रहा है कि इससे पहले की तुलना में ज्यादा परिवार इस योजना का लाभ उठा सकेंगे. अनुमान है कि करीब चार लाख अतिरिक्त परिवारों को इसका फायदा मिल सकता है.
पात्र परिवारों को मिलेगा फ्लैट
सरकारी योजना के अनुसार, जहां संभव होगा वहां झुग्गी वाली जगह पर ही बहुमंजिला फ्लैट बनाए जाएंगे. अगर किसी जगह जमीन या दूसरी तकनीकी वजहों से निर्माण संभव नहीं हुआ, तो लोगों का पुनर्वास तीन किलोमीटर के अंदर ही किया जाएगा.
इसका मकसद यह है कि लोगों को अपने काम, स्कूल और आसपास के माहौल से ज्यादा दूर न जाना पड़े. सरकार ने यह भी कहा है कि दो या तीन मंजिल तक बनी झुग्गियों में रहने वाले पात्र परिवारों को भी योजना के तहत फ्लैट दिए जाएंगे.
पीपीपी मॉडल पर होगा काम
इस पूरी योजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल पर लागू करने की तैयारी है. इस मॉडल में निजी कंपनियां निर्माण और निवेश का काम करेंगी, जबकि सरकार पूरी परियोजना की निगरानी करेगी. सर्वे के दौरान हर झुग्गी, वहां रहने वाले परिवारों की संख्या, जमीन की स्थिति और निर्माण की संभावना का आकलन किया जाएगा.
दिल्ली में हैं 675 झुग्गी बस्तियां
दिल्ली में अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के अधीन कुल 675 झुग्गी बस्तियां हैं. पहले चरण में सीलमपुर, सुल्तानपुरी और लाजपत नगर की झुग्गी बस्तियों को प्राथमिकता दी गई है. इन इलाकों का सर्वे पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी. इसके बाद निर्माण का काम शुरू किया जाएगा.
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