यूक्रेन में रूस के जारी सैन्य अभियान और यूरोपीय देशों पर लगातार बढ़ते साइबर तथा ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए यूरोप ने एक चार-स्तरीय रक्षा योजना तैयार की है. यह योजना रूस से संभावित हमले की स्थिति में पूरे महाद्वीप की सुरक्षा के लिए बनाई गई है. इसमें एयर डिफेंस शील्ड, स्पेस शील्ड, ड्रोन वॉल और ईस्टर्न फ्लैंक वॉच जैसी सामरिक तैयारियां शामिल हैं. यूरोपीय संघ इस रणनीति के ज़रिए खुद को किसी भी संभावित बड़े युद्ध, यहां तक कि तीसरे विश्व युद्ध की स्थिति के लिए तैयार कर रहा है.
यह निर्णय उस समय लिया गया जब हाल के हफ्तों में यूरोपीय हवाई क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन और लड़ाकू विमानों की घुसपैठ, साथ ही साइबर हमलों के जरिए हवाई अड्डों की सेवाएं बाधित होने की घटनाएं लगातार सामने आई हैं. इन चुनौतियों से निपटने के लिए यूरोपीय नेतृत्व ने अपने सुरक्षा ढांचे को जमीनी और तकनीकी दोनों स्तरों पर मजबूत करने का फैसला लिया है.
यूरोप की नई सुरक्षा रणनीति के 4 स्तंभ
यूरोपीय संघ द्वारा प्रस्तावित चार-स्तरीय सुरक्षा ढांचा निम्नलिखित है:
1. एयर शील्ड (Air Shield):
यूरोप एक कॉमन एयर डिफेंस सिस्टम की स्थापना करने जा रहा है, जिसे "European Sky Shield" के नाम से जाना जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य है:
यह प्रणाली न केवल रूस से संभावित मिसाइल हमलों से निपटेगी, बल्कि यह यूरोप की साझा सुरक्षा नीति को भी मजबूती देगी.
2. स्पेस शील्ड (Space Shield):
रूस के पास उन्नत एंटी-सैटेलाइट हथियार और अंतरिक्ष आधारित निगरानी तंत्र हैं. ऐसे में यूरोपीय संघ अब स्पेस शील्ड के तहत अपनी अंतरिक्ष परिसंपत्तियों (satellites) की रक्षा के लिए काम कर रहा है. इसके अंतर्गत:
स्पेस शील्ड न केवल सैन्य उद्देश्य, बल्कि नागरिक उपयोग की संचार, नेविगेशन और मौसम निगरानी प्रणालियों की रक्षा के लिए भी आवश्यक है.
3. ड्रोन वॉल (Drone Wall):
यूक्रेन युद्ध ने दिखा दिया है कि ड्रोन युद्ध का भविष्य हैं. रूस द्वारा ड्रोनों के माध्यम से सीमाओं, सैन्य ठिकानों और नागरिक सुविधाओं पर हमले किए गए हैं. यूरोप अब एक "ड्रोन वॉल" बना रहा है:
ड्रोन वॉल की योजना में बाल्टिक राष्ट्र (एस्तोनिया, लातविया, लिथुआनिया), पोलैंड, रोमानिया, बुल्गारिया और यूक्रेन भी भागीदार हैं. यह साझेदारी ड्रोन हमलों की जल्दी पहचान और उन्हें निष्क्रिय करने में सहायक होगी.
4. ईस्टर्न फ्लैंक वॉच (Eastern Flank Watch):
यूरोपीय संघ की यह योजना 2028 तक रूस की सीमा से सटे यूरोपीय क्षेत्रों की सुरक्षा को मजबूत करने पर केंद्रित है. इस योजना के तहत:
यह योजना यूरोप को अचानक होने वाले सैन्य हमलों से बचाव में मदद करेगी और सीमा क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली स्थापित करेगी.
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