नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि बिहार में विशेष इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की सफलता के बाद अब इसका दूसरा चरण देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा. इस अभियान का उद्देश्य हर योग्य नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना और अयोग्य या दोहराए गए नामों को हटाना है, ताकि लोकतंत्र की सबसे बड़ी प्रक्रिया और अधिक विश्वसनीय बन सके.
बिहार से मिली सफलता, अब देशभर में विस्तार
ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत छठ पर्व की शुभकामनाओं के साथ की और बिहार के 7.5 करोड़ मतदाताओं को नमन किया. उन्होंने बताया कि बिहार में SIR के सफल क्रियान्वयन के बाद आयोग ने देश के सभी 36 राज्य निर्वाचन आयुक्तों के साथ दो बैठकें आयोजित कीं. इन बैठकों में SIR के अनुभव साझा किए गए और यह तय किया गया कि अब इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य राज्यों में भी लागू किया जाएगा. आयोग का मानना है कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव है और इसके लिए समय-समय पर गहन पुनरीक्षण आवश्यक है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इस अभियान के तहत उन नागरिकों को मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा जो पात्र हैं लेकिन किसी कारण अब तक जुड़ नहीं पाए हैं. वहीं दूसरी ओर, जिन लोगों के नाम दो बार दर्ज हैं या जो अब पात्र नहीं हैं, उन्हें सूची से हटाया जाएगा. गौरतलब है कि 1951 से 2004 के बीच आठ बार ऐसे विशेष पुनरीक्षण किए जा चुके हैं, लेकिन तकनीकी और जनसंख्या परिवर्तन के कारण समय के साथ सूची में त्रुटियां सामने आती रही हैं.
#WATCH दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, "...SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) का दूसरा चरण 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में आरंभ होने वाला है।" pic.twitter.com/ylnzlivhlt
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 27, 2025
आज रात से फ्रीज होगी मतदाता सूची
आयोग ने यह भी घोषणा की कि जिन राज्यों में SIR का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है, वहां की मतदाता सूची आज रात 12 बजे से फ्रीज कर दी जाएगी. इसके बाद बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ERO) अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं की जानकारी एकत्र करने का काम शुरू करेंगे. प्रत्येक BLO तीन बार घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेगा. साथ ही, जो मतदाता फिलहाल अपने क्षेत्र से बाहर हैं, वे इन्यूमेरेशन फॉर्म (EF) ऑनलाइन भर सकेंगे.
डिजिटल सुविधा और पारदर्शी प्रक्रिया
ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में किसी अतिरिक्त दस्तावेज या जटिल औपचारिकता की आवश्यकता नहीं होगी. हर मतदाता के लिए प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाया गया है. आयोग का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र नागरिक अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन हो.
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