Petrol Diesel Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की संभावनाओं के चलते निवेशकों को राहत मिली, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखाई दिया. क्रूड ऑयल की कीमत करीब 4 प्रतिशत तक फिसलकर 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई. हालांकि, इस गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
महानगरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम
तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी नवीनतम दरों के अनुसार, देश के प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें इस प्रकार हैं:

पिछले महीने चार बार बढ़ी थीं कीमतें
अमेरिका-ईरान संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट में पैदा हुई बाधाओं का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा था. दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति इस समुद्री मार्ग से गुजरती है. भारत भी अपनी बड़ी मात्रा में तेल आयात इसी रास्ते से करता है.
आपूर्ति प्रभावित होने के कारण पिछले महीने देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी की गई थी. हालांकि 25 मई के बाद से तेल कंपनियों ने ईंधन की दरों में कोई नया बदलाव नहीं किया है.
प्रमुख शहरों में CNG के रेट

अमेरिका-ईरान तनाव कम होने से मिली राहत
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आई गिरावट के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद को प्रमुख वजह माना जा रहा है. बाजार को भरोसा है कि आने वाले दिनों में वैश्विक तेल आपूर्ति फिर से सामान्य हो सकती है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते का एक प्रारूप तैयार हो चुका है और दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष समाप्ति की ओर बढ़ रहा है. ट्रंप ने उम्मीद जताई कि निकट भविष्य में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर हो सकते हैं.
उन्होंने यह भी दावा किया कि समझौता लागू होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोला जा सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति में सुधार आएगा और ऊर्जा बाजार को राहत मिलेगी. इसी उम्मीद के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है.
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