Diwali 2026: रोशनी, खुशियों और पूजा-पाठ का त्योहार दिवाली आने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. पांच दिनों तक चलने वाले इस पर्व में धनतेरस से लेकर भाई दूज तक हर दिन का अपना अलग धार्मिक महत्व होता है. अगर आप भी घर की सफाई, खरीदारी और पूजा की तैयारियां शुरू करने वाले हैं तो पहले दिवाली 2026 की सभी प्रमुख तारीखें और पूजा के शुभ समय जान लेना जरूरी है.
6 नवंबर को मनाई जाएगी धनतेरस
दिवाली के पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत धनतेरस से होगी. साल 2026 में धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने की कथा जुड़ी है. धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है. इस दिन सोना-चांदी, बर्तन और दूसरी उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी को भी शुभ माना जाता है. दिल्ली के पंचांग के अनुसार धनतेरस पूजा का समय शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक रहेगा.
7 नवंबर को छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी
धनतेरस के अगले दिन 7 नवंबर, शनिवार को छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी. कई जगहों पर इसे काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन घर की साफ-सफाई करने, दीप जलाने और विशेष पूजा करने की परंपरा है. छोटी दिवाली के साथ ही मुख्य दीपावली की तैयारियां भी अपने अंतिम चरण में पहुंच जाती हैं.
8 नवंबर को होगी मुख्य दिवाली
साल 2026 में मुख्य दिवाली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी. इस दिन शाम को मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. दिल्ली के पंचांग के अनुसार लक्ष्मी पूजा का मुख्य शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक रहेगा. इस दौरान वृषभ काल भी बताया गया है.
अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह करीब 11:27 बजे शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर करीब 12:31 बजे तक रहेगी. दिवाली की पूजा का समय अलग-अलग शहरों में कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि करना बेहतर रहेगा.
10 नवंबर को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट
दिवाली के अगले दिन 9 नवंबर को मुख्य रूप से अमावस्या तिथि रहेगी, जबकि गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का पर्व 10 नवंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा से जुड़ा है. कई स्थानों पर इस दिन अलग-अलग तरह के पकवानों से अन्नकूट सजाकर भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है.
11 नवंबर को भाई दूज से होगा समापन
पांच दिवसीय दीपावली पर्व का समापन 11 नवंबर, बुधवार को भाई दूज के साथ होगा. इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं. इसके बदले भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और उनके सुखी जीवन की कामना करते हैं.
दिवाली 2026 का पूरा कैलेंडर
दिवाली 2026 में 6 नवंबर से 11 नवंबर तक प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे. 6 नवंबर को धनतेरस, 7 नवंबर को छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी, 8 नवंबर को मुख्य दिवाली और लक्ष्मी-गणेश पूजा, 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट तथा 11 नवंबर को भाई दूज और यम द्वितीया मनाई जाएगी.
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