नोएडा में कई जगहों पर फैक्‍ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन, की तोड़फोड़ और आगजनी... क्या हैं इनकी मांगे?

उत्तर प्रदेश के नोएडा में मजदूरों का वेतन बढ़ाने को लेकर चल रहा प्रदर्शन अब हिंसक रूप लेता दिख रहा है. सोमवार सुबह ग्रेटर नोएडा के फेस-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स डी ब्लॉक में प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

Demonstration of factory workers in Noida Violent Clash with Police
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उत्तर प्रदेश के नोएडा में मजदूरों का वेतन बढ़ाने को लेकर चल रहा प्रदर्शन अब हिंसक रूप लेता दिख रहा है. सोमवार सुबह ग्रेटर नोएडा के फेस-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स डी ब्लॉक में प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

जानकारी के अनुसार, मजदूरों का यह आंदोलन पिछले कुछ दिनों से जारी था, लेकिन सोमवार को यह अचानक उग्र हो गया. गुस्साए श्रमिकों ने पुलिस पर पथराव किया और मौके पर खड़ी पुलिस गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी. एक पुलिस वाहन को पलट दिया गया, जबकि कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया.

इतना ही नहीं, प्रदर्शनकारियों ने आसपास की कंपनियों में भी नुकसान पहुंचाया, जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ गई.

पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने सख्ती दिखाई. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए और कई जगहों पर लाठीचार्ज भी किया गया. इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी को मौके पर तैनात कर दिया गया.

धीरे-धीरे पुलिस ने हालात पर काबू पाया, लेकिन तनावपूर्ण स्थिति अभी भी बनी हुई है.

गुरुग्राम से शुरू हुआ आंदोलन

मजदूरों का यह विरोध प्रदर्शन मूल रूप से गुरुग्राम से शुरू हुआ था, जो अब नोएडा तक फैल गया है. शुरुआत में यह आंदोलन शांतिपूर्ण था, जहां कर्मचारी वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग कर रहे थे.

लेकिन जब बड़ी संख्या में मजदूर फेस-2 क्षेत्र में जुटकर सड़क जाम करने लगे, तो स्थिति बिगड़ने लगी. कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव और आगजनी के बाद माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया.

सैकड़ों कंपनियों के कर्मचारी शामिल

नोएडा के फेस-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स और ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र में 100-100 से अधिक कंपनियां संचालित होती हैं. इन दोनों क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मजदूर इस आंदोलन में शामिल हुए.

कुल मिलाकर 500 से अधिक कंपनियों के कर्मचारियों के इस विरोध में किसी न किसी रूप में शामिल होने की बात सामने आई है, जिससे आंदोलन का दायरा काफी बड़ा हो गया है.

क्या हैं मजदूरों की मुख्य मांगें?

प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है. उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रति माह किया जाए
  • ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से मिले
  • काम के घंटे तय किए जाएं
  • हर सप्ताह एक दिन की छुट्टी मिले
  • वेतन समय पर बैंक खाते में दिया जाए
  • श्रम कानूनों का सख्ती से पालन हो

मजदूरों का आरोप है कि उन्हें फिलहाल बहुत कम मजदूरी मिल रही है, कई लोगों को प्रतिदिन 500 से 700 रुपये तक ही भुगतान किया जाता है. इसके अलावा उनसे 10-12 घंटे तक काम कराया जाता है, लेकिन ओवरटाइम का उचित भुगतान नहीं मिलता.

पुलिस और मजदूर आमने-सामने

पिछले पांच दिनों से चल रहे इस प्रदर्शन के बीच सोमवार को हालात बिगड़ गए. पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब भीड़ उग्र हो गई तो सख्ती बरतनी पड़ी.

धक्का-मुक्की, पथराव और आगजनी की घटनाओं के बीच पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया. कई जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन भी किया गया, जिससे आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.

प्रशासन की अपील और कदम

गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने बताया कि प्रशासन ने पहले ही उद्योग प्रतिनिधियों और श्रमिकों के साथ बैठक की थी.

प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि मजदूरों को ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से मिले और वेतन समय पर दिया जाए. साथ ही, श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए 24 घंटे का कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है.

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