अरविंद केजरीवाल से लेकर CM रेखा गुप्ता तक... दिल्ली में कौन-कौन नेता हो चुके हैं हमले का शिकार?

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को हुए हमले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. जनसुनवाई के दौरान अचानक हुए इस हमले में मुख्यमंत्री को सिर और कंधे पर चोटें आई हैं. इस घटना ने फिर से सवाल उठाए हैं कि नेताओं की सुरक्षा कितनी मजबूत है.

Delhi CM Rekha Gupta attack From Arvind Kejriwal to Rekha Gupta list of leaders attacked in Delhi
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Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को हुए हमले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. जनसुनवाई के दौरान अचानक हुए इस हमले में मुख्यमंत्री को सिर और कंधे पर चोटें आई हैं. इस घटना ने फिर से सवाल उठाए हैं कि नेताओं की सुरक्षा कितनी मजबूत है. इससे पहले भी अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े नेताओं पर हमले हो चुके हैं. आइए जानते हैं दिल्ली में किन-किन नेताओं को निशाना बनाया गया है और उनकी सुरक्षा की स्थिति कैसी रही है.

रेखा गुप्ता पर हमला

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला तब हुआ जब वे जनसुनवाई कर रही थीं. इसी दौरान एक शख्स ने उन पर हमला कर दिया. हमलावर का नाम राजेश भाई खिमजी है, जो राजकोट से आया था. पुलिस ने आरोपी को तुरंत पकड़ लिया है और मामले की जांच जारी है. मुख्यमंत्री को हल्की चोटें आई हैं, लेकिन वे ठीक हैं. इस घटना ने नेताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

बार-बार निशाना बने पूर्व CM केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल पर कई हमले हो चुके हैं. 2011 में लखनऊ में एक बैठक के दौरान उन पर चप्पल फेंकी गई. 2013 में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर स्याही फेंकी गई. मार्च 2014 में हैदराबाद में उनके वाहन पर पत्थर मारा गया. अप्रैल 2016 में दिल्ली सचिवालय में उन पर जूता फेंका गया. इसके अलावा रोड शो के दौरान एक शख्स ने थप्पड़ मारने की कोशिश भी की. ये घटनाएं बताती हैं कि राजनीतिक हिंसा किस हद तक पहुंच चुकी है.

कांग्रेस और अन्य नेताओं पर भी हमले

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम पर 2009 में जब वे गृहमंत्री थे, जूता फेंका गया था. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर अहमदाबाद में चुनावी रैली के दौरान जूता फेंकने की कोशिश हुई थी, हालांकि जूता मंच तक नहीं पहुंच पाया.

अन्य प्रमुख नेताओं पर हमले की घटनाएं

  • स्वामी प्रसाद मौर्य को 2025 में रायबरेली में थप्पड़ मारा गया.
  • अखिलेश यादव पर 2014 में गाजियाबाद में चप्पल फेंकी गई.
  • नितिन गडकरी पर पुणे रैली के दौरान 2014 में जूता फेंका गया.
  • नवीन जिंदल पर 2009 में कुरुक्षेत्र की बैठक में जूता फेंका गया.
  • प्रकाश सिंह बादल पर 2014 में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जूता फेंका गया.

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा में कई कमजोरियां हैं. जब नेता जनसुनवाई या चुनावी रैलियों में इस तरह के हमलों के शिकार होते हैं, तो यह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बन जाता है. सख्त सुरक्षा प्रबंधों और कड़े कानूनों की जरूरत है ताकि राजनीतिक हिंसा को रोका जा सके और नेताओं को सुरक्षित माहौल प्रदान किया जा सके.

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