खामेनेई के करीबी की बेटी ने अपने शादी में ऐसा क्या पहना, जो मच गया बवाल? लोगों ने इस्लामी कानून को बताया पाखंड

Ali Shamkhani Wedding: जहां एक ओर ईरान की सड़कों पर हिजाब न पहनने पर महिलाओं को घसीट-घसीट कर जेल भेजा जाता है, वहीं सत्ता के गलियारों में कुछ और ही ‘फैशन शो’ चलता दिख रहा है.

daughter of Khamenei close associate wear to her wedding that sparked a furor Islamic law hypocrisy
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Ali Shamkhani Wedding: जहां एक ओर ईरान की सड़कों पर हिजाब न पहनने पर महिलाओं को घसीट-घसीट कर जेल भेजा जाता है, वहीं सत्ता के गलियारों में कुछ और ही ‘फैशन शो’ चलता दिख रहा है. खुद इस्लामिक गणराज्य के सख्त हिजाब कानून का चेहरा कहे जाने वाले अली शामखानी की बेटी की शादी में जो कुछ हुआ, उसने ईरान की कट्टर धार्मिक छवि की पोल खोल दी है.

तेहरान के एक आलीशान होटल में हुई इस हाई-प्रोफाइल शादी में फातेमेह शामखानी न सिर्फ पूरी तरह से वेस्टर्न स्टाइल गाउन में नजर आईं, बल्कि हिजाब की कोई झलक तक नहीं दिखी. इसी शादी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है और आम ईरानी जनता गुस्से से उबल रही है.

कैसे भड़का ये विवाद?

2024 में तेहरान के एस्पिनास पैलेस होटल में अली शामखानी की बेटी फातेमेह की शादी का आयोजन हुआ. वीडियो में शामखानी खुद बेटी को एस्कॉर्ट करते दिख रहे हैं, जो ऑफ-शोल्डर वेस्टर्न गाउन पहने हैं और सिर पर सिर्फ एक पारदर्शी वेल है, जबकि हिजाब नदारद है. वहीं उनकी पत्नी भी बिना हिजाब के नीले लेस गाउन में नजर आईं. अब सवाल उठ रहा है कि क्या इस्लामी कानून सिर्फ आम जनता के लिए है?

पाखंड का आरोप: जनता में गुस्सा

ईरान में हिजाब न पहनने पर सैकड़ों महिलाएं गिरफ्तार हो चुकी हैं, जिनमें महसा अमीनी का मामला आज भी लोगों के दिलों में ताजा है. सोशल मीडिया पर लोगों का सवाल है कि आम लड़कियों के बाल दिख जाएं तो कोड़े, और इनकी बेटियां बिना हिजाब के गाउन में शादी करें तो कोई पूछने वाला नहीं? कई लोगों ने इसे "पाखंड", "दोहरे मापदंड" और "धार्मिक कानूनों का राजनीतिक इस्तेमाल" बताया है.

कौन हैं अली शामखानी?

अली शामखानी ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के पूर्व प्रमुख हैं और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेहद करीबी माने जाते हैं. 2022 के हिजाब-विरोधी आंदोलन के दौरान जब देशभर में विरोध भड़का था, तब इन्हीं शामखानी ने आंदोलनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया था. अब उन्हीं की बेटी की वेस्टर्न वेडिंग ने उनकी नीति और नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

क्या है ईरान का हिजाब कानून?

  • 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद हिजाब पहनना महिलाओं के लिए अनिवार्य बना दिया गया.
  • 1983 में कानून पारित हुआ, जिसके तहत हिजाब न पहनने पर जुर्माना, गिरफ्तारी, या दो महीने तक जेल की सजा हो सकती है.
  • यह कानून सिर्फ ईरानी महिलाओं पर ही नहीं, बल्कि विदेशी महिलाओं पर भी लागू होता है.

अब क्या होगा?

इस वीडियो के वायरल होने के बाद देश के भीतर शासन की नैतिक वैधता (moral authority) पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. जहां शासन ने अब तक इस मामले में चुप्पी साध रखी है, वहीं सोशल मीडिया पर यह घटना एक जन आंदोलन का रूप लेती जा रही है.