वाराणसी में दालमंडी चौड़ीकरण ने पकड़ी रफ्तार; मस्जिदों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू... 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात

Varanasi: वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रभावित मस्जिदों और भवनों पर कार्रवाई तेज हो गई है. सुरक्षा व्यवस्था के लिए 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और 13 स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है.

Dalmandi widening project in Varanasi gains momentum demolition of structures at mosques begins
AI Generated

Varanasi: वाराणसी के दालमंडी इलाके में चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान ने अब रफ्तार पकड़ ली है. प्रशासन की ओर से अधिग्रहण की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ाई जा रही है. परियोजना के दायरे में आने वाली छह मस्जिदों में से पांच की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग (PWD) के नाम पूरी हो चुकी है. रजिस्ट्री की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद संबंधित मस्जिदों के प्रबंधन ने स्वयं ही प्रभावित हिस्सों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि आगे का निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके.

जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से चल रही परियोजना

प्रशासन का कहना है कि दालमंडी सड़क चौड़ीकरण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में लगातार लगने वाले ट्रैफिक जाम को कम करना और लोगों के लिए आवागमन को आसान बनाना है. इसी योजना के तहत पहले अधिग्रहित किए गए 52 भवनों पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है. मौके पर लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन की टीमें मौजूद हैं. साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की भी तैनाती की गई है.

चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है निर्माण कार्य

अधिकारियों के अनुसार परियोजना से जुड़ी सभी संपत्तियों का अधिग्रहण और रजिस्ट्री कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है. प्रशासन का दावा है कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य निर्धारित योजना के अनुसार चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है. परियोजना पूरी होने के बाद दालमंडी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुगम होने की उम्मीद है.

काशी विश्वनाथ धाम से जुड़ा है यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट

दालमंडी सड़क चौड़ीकरण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल माना जाता है. इस योजना का उद्देश्य काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग विकसित करना है. योजना के तहत लगभग 650 मीटर लंबी और 60 फीट चौड़ी सड़क तैयार की जानी है. इसके लिए कुल 187 भवनों और 6 मस्जिदों का अधिग्रहण प्रस्तावित किया गया था. इनमें से करीब 150 भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है.

पांच मस्जिदों पर बनी सहमति, एक पर बातचीत जारी

परियोजना के रास्ते में आने वाली पांच मस्जिदों को लेकर सहमति बनने के बाद उनकी रजिस्ट्री पीडब्ल्यूडी के नाम कर दी गई है. अब केवल अंतिम छोर पर स्थित लंगड़ा हाफिज मस्जिद को लेकर चर्चा जारी है. मस्जिद समिति की ओर से भी समाधान की दिशा में सकारात्मक संकेत दिए गए हैं.

मस्जिद समिति ने क्या कहा?

अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव सैयद मोहम्मद यासीन ने कहा कि समिति सड़क चौड़ीकरण परियोजना का विरोध नहीं कर रही है. उनका कहना है कि शुरुआत से ही प्रयास यह रहा कि यदि संभव हो तो ऐसा विकल्प निकले, जिससे सड़क का निर्माण भी हो जाए और मस्जिद का ढांचा भी सुरक्षित रह सके. उन्होंने उम्मीद जताई कि आपसी संवाद के माध्यम से सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकाला जा सकता है.

ये भी पढ़ें- 22 घंटे की जंग के बाद बोरवेल से निकला निर्भय; आखिर जिंदगी की जंग हार गया मासूम,डॉक्टरों ने किया मृत घोषित