श्रीलंका में साइक्लोन ने मचाई तबाही तो मदद के लिए आया भारत, कोलंबो पहुंचे INS विक्रांत और उदयगिरी

श्रीलंका इस समय चक्रवाती तूफान दित्वा से हुई भारी तबाही से जूझ रहा है. लगातार हुई मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और बाढ़ ने देश के कई इलाकों में जन–जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है.

Cyclone caused devastation in Sri Lanka India came to help
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श्रीलंका इस समय चक्रवाती तूफान दित्वा से हुई भारी तबाही से जूझ रहा है. लगातार हुई मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और बाढ़ ने देश के कई इलाकों में जन–जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. संकट की इस घड़ी में भारत ने अपने पड़ोसी देश की सहायता के लिए आगे आकर ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया है. राहत सामग्री और आवश्यक सहायता लेकर भारतीय नौसेना के दो प्रमुख युद्धपोत INS विक्रांत और INS उदयगिरी कोलंबो पहुंच चुके हैं.

भारत बना श्रीलंका का पहला सहायक

तूफान से हुए नुकसान का आकलन जारी है, लेकिन श्रीलंकाई प्रशासन ने पुष्टि की है कि भूस्खलन और बाढ़ की वजह से 56 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं, 12,000 से ज़्यादा परिवार, यानी लगभग 43,900 लोग, खराब मौसम से प्रभावित हुए हैं. देश के कई हिस्सों में पिछले 72 घंटों के भीतर 46 मौतों की घटनाएं दर्ज की गई हैं.

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए श्रीलंका सरकार ने आपात स्थिति जैसी परिस्थितियों का हवाला देते हुए शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया, ताकि बचाव कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका के नागरिकों के प्रति संवेदना जताई और सहायता बढ़ाने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि चक्रवात दित्वा से प्रभावित सभी परिवारों के प्रति वह गहरा दुख व्यक्त करते हैं और भारत हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत संकट की इस घड़ी में श्रीलंका के साथ खड़ा है और राहत कार्यों को तेज करने के लिए अतिरिक्त सहयोग भी भेजा जाएगा.

INS विक्रांत और उदयगिरी की तैनाती

भारत ने युद्धपोत INS विक्रांत और INS उदयगिरी को राहत मिशन पर भेजकर तेजी से मानवीय सहायता पहुंचाई है. ये दोनों पोत 25–26 नवंबर को कोलंबो पहुंचे और श्रीलंकाई नौसेना के समन्वय से राहत सामग्री उतारने और स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए तैनात किए गए.

श्रीलंकाई नौसेना ने भारतीय युद्धपोतों पर मौजूद विमानों और हेलीकॉप्टरों की सेवाएं भी औपचारिक रूप से मांगी थीं, ताकि तूफान से प्रभावित इलाकों में हवा से सर्वेक्षण, राहत सामग्रियों की एअर-ड्रॉपिंग और ज़रूरतमंदों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके.

भारत के रक्षा मंत्रालय का बयान

भारतीय रक्षा मंत्रालय ने बताया कि श्रीलंका के पूर्वी इलाके त्रिंकोमाली (Trincomalee) में चक्रवात के बाद राहत और बचाव अभियान के लिए INS विक्रांत से विमानों का उपयोग करने का अनुरोध किया गया था. भारत की तरफ से इसे तुरंत स्वीकार किया गया और नौसेना को राहत कार्यों में लगाया गया.

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