Dehradun News: आज के समय में साइबर ठगी आम बात हो गई है. देश के अलग-अलग हिस्सों से रोजाना ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आती रहती हैं. ऐसी ही एक मामला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से सामने आया है, जहां एक प्रॉपर्टी डीलर के साथ 76.90 लाख रुपये का फ्रॉड हुआ है. जानकारी के मुताबिक, एक डेटिंग ऐप पर प्रॉपर्टी डीलर की एक युवती से मुलाकात हुई. युवती ने निवेश का झांसा देकर मोटा चूना लगा दिया. इसके बाद पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई. चलिए आपको बताते हैं क्या है पूरा मामला.
रायपुर के रहने वाले अनिमेश की 30 नवंबर 2025 को एक डेटिंग ऐप पर अंकिता सिंह नाम की युवती से बात शुरू हुई. पीड़ित के मुताबिक, युवती ने खुद देहरादून का निवासी बताया. इसके बाद दोनों की दोस्ती हो गई और व्हाट्सऐप पर बातचीत शुरू हो गई. यहीं से युवती ने अपना ठगी का खेल शुरू कर दिया. कुछ दिन बात करने के बाद 8 दिसंबर को युवती ने बताया कि वह अपने व्यवसाय के साथ-साथ फॉरेक्स ट्रेडिंग भी करती है. उसने फॉरेक्स ट्रेडिंग के फायदे गिनाते हुए अनिमेश को इसमें निवेश करने के लिए मना लिया.
युवती ने कैसे बुना ठगी का जाल?
इसके बाद अनिमेश ने फॉरेक्स अकाउंट क्रिएट कर 90 हजार रुपये का इन्वेस्ट किया. वह युवती के कहने पर धीरे-धीरे पैसे जमा करते रहे. पीड़ित के ट्रेडिंग प्रोफाइल पर जमा राशि और मुनाफा भी दिखाई देने लगा, जिससे उनका विश्वास और भी मजबूत होता गया.
रकम निकालते ही सामने आई साजिश की असलियत
22 दिसंबर को जब अनिमेश ने अपने पैसे निकालने की बात कही, तो उनसे 2.12 लाख रुपये अतिरिक्त शुल्क के रूप में मांगे गए. इसके बाद भी रकम नहीं मिली. 28 जनवरी 2026 को उनसे कहा गया कि ट्रेडिंग से पहले 30 प्रतिशत एडवांस इनकम टैक्स जमा करना होगा. इसी तरह अलग-अलग बहानों से उनसे लगातार पैसे मंगवाए जाते रहे और अब तक वह कुल 76.90 लाख रुपये गंवा चुके हैं. इतना ही नहीं, उन पर 22 लाख रुपये और जमा करने का दबाव भी बनाया जा रहा है.
साइबर क्राइम पुलिस की जांच और चेतावनी
पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की गहन जांच कर रही है. साइबर क्राइम पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों द्वारा दिए गए निवेश के प्रस्तावों से सतर्क रहने की जरूरत है. किसी भी तरह की निजी जानकारी या वित्तीय विवरण साझा करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना बेहद जरूरी है.
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