लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी तहसील क्षेत्र के मियांपुर गांव पहुंचे. इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि अब मियांपुर का नाम बदलकर 'रविंद्र नगर' किया जाएगा. इस कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाभार्थियों को भौतिक अधिकार पत्र भी वितरित किए. यह कागजात उन लोगों को दिए गए जो भूमि के मालिकाना हक के हकदार थे.
सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय बसे हुए हिंदुओं को भौमिक अधिकार का दर्जा दिया है, साथ ही सरकार द्वारा दी जा रहीं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा.
"पहचान छुपाने के लिए किया गया था मियांपुर"
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आप लोगों की पहचान छुपाने के लिए गांव का नाम मियांपुर किया गया, जहां एक भी मुसलमान नहीं वहां का नाम मियांपुर कर दिया गया. लेकिन अब इसका नाम मियांपुर नहीं रहेगा, बांग्लादेश से आए इन बंधुओं की बस्ती का नाम रविंद्र नगर होगा. उन्होंने कहा कि इस देश को राष्ट्रगान देने वाले रविंद्र नाथ टैगोर के नाम पर अब आपकी पहचान होगी. सीएम ने ये भी कहा कि बंगाल की धरती भारत के आध्यात्म और विरासत की धरती है.
"हर दलित और वंचित को सम्मान दिलवाएंगे"
सीएम योगी ने कहा, "हर दलित और वंचित को सम्मान दिलवाएंगे. इसीलिए हमारी सरकार ने तय किया है कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज, महार्षि वाल्मीकि महाराज की मूर्तियां जहां होंगी, अगर बाऊंड्री वॉल नहीं होगी तो हम बाऊंड्री वॉल करवाकर, छत्र भी बनवाएंगे. सरकार ने इसके लिए धनराशि की व्यवस्था की है."
सीएम योगी ने कहा, "सामाजिक न्याय के जितने भी पुरोधा हैं, आज ज्योतिबा फुले जी की जयंती है. उन्होंने शिक्षा और समाज सुधार के लिए अनेक कदम उठाए. सरकार उनके गौरव को आगे बढ़ाने का काम कर रही है. महाराणा सांगा और महाराणा प्रताप के वंशजों को सम्मान दिलाने का काम ये डबल इंजन की सरकार कर रही है."
सीएम योगी ने कहा, "बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर हों, सद्गुरु रविदास जी महाराज हों, महर्षि वाल्मीकि जी हों जिन्होंने रामायण के माध्यम से भगवान राम से हम सब का साक्षात्कार करवाया हो, इनके सम्मान को आगे बढ़ाने का काम हम सबका दायित्व है. अगर हम उसमें कुछ करते हैं तो ये हमारी कृतज्ञता होती है. यही काम करने के लिए मैं आप लोगों के बीच आया हूं."
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