कैशलेस इंडिया ने पकड़ी रफ्तार, UPI ट्रांजैक्शन ने बनाया नया रिकॉर्ड, दुनिया में भी बढ़ रही पहचान

भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण UPI है, जिसने जुलाई 2026 में नया रिकॉर्ड बना दिया.

Cashless India UPI transactions set a new record Digital payments
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

UPI Transactions: भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण UPI है, जिसने जुलाई 2026 में नया रिकॉर्ड बना दिया. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में UPI के जरिए 23.66 अरब ट्रांजैक्शन हुए. इन ट्रांजैक्शन की कुल कीमत 29.88 लाख करोड़ रुपये रही, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड है. इससे पहले सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड मई 2026 में बना था, जिसे जुलाई में पीछे छोड़ दिया गया.

मई और जून के मुकाबले भी बढ़े आंकड़े

NPCI के मुताबिक, मई 2026 में UPI के जरिए 23.20 अरब ट्रांजैक्शन हुए थे, जबकि जून में यह संख्या 22.72 अरब रही. वहीं जुलाई में यह बढ़कर 23.66 अरब तक पहुंच गई. अगर लेनदेन की रकम की बात करें तो जुलाई 2025 में UPI के जरिए 25.08 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था, जबकि जुलाई 2026 में यह बढ़कर 29.88 लाख करोड़ रुपये हो गया. इससे साफ है कि एक साल में डिजिटल पेमेंट में अच्छी बढ़ोतरी हुई है.

हर महीने बढ़ रहा है UPI का इस्तेमाल

आज UPI लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. छोटी दुकानों से लेकर बड़े कारोबार, ऑनलाइन खरीदारी, होटल, टैक्सी, बिजली-पानी के बिल और एक-दूसरे को पैसे भेजने तक, लगभग हर जगह UPI का इस्तेमाल हो रहा है. QR कोड स्कैन करके कुछ ही सेकंड में भुगतान होने की सुविधा की वजह से लोग तेजी से इसे अपना रहे हैं. यही कारण है कि हर महीने UPI ट्रांजैक्शन नए रिकॉर्ड बना रहे हैं.

कई देशों तक पहुंचा भारत का UPI

अब UPI सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. इसकी सुविधा कई दूसरे देशों में भी शुरू हो चुकी है. फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर समेत करीब 10 देशों में UPI का इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए पैसे भेजना आसान हुआ है और भारत की डिजिटल पेमेंट तकनीक को दुनिया में नई पहचान मिली है.

विशेषज्ञों ने क्या कहा?

जानकारों का कहना है कि UPI अब भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम की सबसे मजबूत कड़ी बन चुका है. उनके मुताबिक जुलाई में 23.66 अरब ट्रांजैक्शन और 29.88 लाख करोड़ रुपये का भुगतान इस बात का संकेत है कि करोड़ों लोग अब डिजिटल पेमेंट के लिए सबसे ज्यादा UPI पर भरोसा कर रहे हैं.

क्या है NPCI और UPI?

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) देश में रिटेल पेमेंट सिस्टम का संचालन करने वाली संस्था है. इसकी स्थापना भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के सहयोग से की गई थी. इसी संस्था ने UPI को विकसित किया, जिसकी मदद से किसी भी बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में कुछ ही सेकंड में सुरक्षित और आसान तरीके से पैसे भेजे जा सकते हैं. आज UPI भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है और इसका इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है.

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