सपा पर तीखा हमला, योगी सरकार की जमकर तारीफ, लखनऊ रैली में क्या-क्या बोलीं बसपा सुप्रीमो मायावती?

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की चार बार की मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस की रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला.

BSP Mayawati Lucknow rally Kanshi Ram death anniversary
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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की चार बार की मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस की रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला. वहीं उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ भी की. 

मायावती का सपा पर सीधा हमला

उन्होंने कहा कि यूपी में कासगंज जिले का नाम मान्यवर कांशीराम नगर के नाम से रखा था. जैसे ही सपा पावर में आई, उन्होंने नाम बदल दिया. मायावती ने कहा, इमरजेंसी के दौरान संविधान को कुचला गया. बाबा साहेब को संसद नहीं पहुंचने दिया था. बाबा साहेब को भारत रत्न नहीं दिया था. सपा ने कांशीराम का हमेशा अपमान किया. दलित समाज को जागरूक होना होगा.

मायावती ने की योगी सरकार की तारीफ

बसपा सुप्रीमो ने योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि "हम वर्तमान सरकार के आभारी हैं क्योंकि समाजवादी पार्टी सरकार के विपरीत, इस स्थान पर आने वाले लोगों से एकत्र किए गए धन को वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा दबाया नहीं गया है... जब हम सत्ता में थे, और यह स्मारक स्थल बनाया गया था, तो हमने उन लोगों के लिए टिकट प्रदान करने का फैसला किया जो इसे देखना चाहते थे, और इससे उत्पन्न राजस्व का उपयोग अन्य चीजों पर नहीं किया जाएगा, बल्कि इसका उपयोग लखनऊ में बने पार्कों और अन्य स्मारक स्थलों के रखरखाव के लिए किया जाएगा."

उन्होंने कहा कि आप बसपा शासनकाल में बने कांशीराम स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि देने आए हैं. इस स्मारक के कुछ हिस्सों की समय पर मरम्मत नहीं हो पाई थी, जिसके कारण आप उन्हें पुष्पांजलि अर्पित नहीं कर पाए थे. लेकिन अब जबकि इसका अधिकांश भाग पूरा हो चुका है, आपने अपने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और लाखों की संख्या में कांशीराम को श्रद्धांजलि देने आए हैं. 

BSP अकेले लड़ेगी 2027 का विधानसभा चुनाव

उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी 2027 में होने वाला विधानसभा चुनाव अकेले ही लड़ेगी. उन्होंने कहा कि गठबंधन में सहयोगी पार्टी का वोट उनके उम्मीदवारों को ट्रांसफर नहीं होता है, जबकि बसपा का वोट सहयोगी पार्टी को ट्रांसफर हो जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन की सरकार में विकास की योजनाएं ठीक से नहीं चल पाती हैं.

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